विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पितृपक्ष मेला 2026: पुनपुन घाट पर तर्पण और पिंडदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात

Published: Fri, 25 Sep 2026 07:48 AM (IST)

पुनपुन में पितृपक्ष मेले की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जो शुक्रवार से शुरू होगा। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के ...और पढ़ें

पुनपुन घाट पर तर्पण (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

पुनपुन घाट पर तर्पण (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग और पुलिस की 24 घंटे तैनाती।

  2. मेला क्षेत्र की सीसीटीवी से निगरानी और मेडिकल टीम मौजूद।

  3. ठहरने, पार्किंग, ई-रिक्शा और हेल्प डेस्क की व्यवस्था।

जागरण संवाददाता, पटना। पुनपुन में पितृपक्ष मेला शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। पिंडदान व तर्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग से लेकर 24 घंटे पुलिस व मेडिकल टीम की तैनाती की गई है। 

मेला क्षेत्र की सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। साथ ही श्रद्धालुओं के ठहरने, वाहनों की पार्किंग और मेला क्षेत्र तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा की भी व्यवस्था की गई है। 

मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई 

डीएम कुंदन कुमार ने मसौढ़ी अनुमंडल पदाधिकारी समेत सभी संबंधित अधिकारियों को मेला अवधि में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, घाट व अन्य प्रमुख स्थानों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। 

अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान सतर्क रहने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुनपुन पितृपक्ष मेला में आने वाले हर श्रद्धालु को सुरक्षित व सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

सुरक्षित स्नान के लिए घाटों पर बैरिकेडिंग

नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए निर्धारित स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित सीमा के भीतर ही स्नान करने की सलाह दी गई है। घाटों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ भीड़ प्रबंधन पर भी नजर रखी जाएगी। पूजा और पिंडदान के लिए निर्धारित स्थलों पर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन की व्यवस्था की गई है।

यहां है ठहरने व पार्किंग की व्यवस्था

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राय सूरजमल झुझुनवाला धर्मशाला और एसएमडी कालेज में ठहरने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए एसएमडी कालेज परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र और आसपास के प्रमुख स्थलों तक आने-जाने के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध रहेंगे।

सुरक्षा से चिकित्सा तक की सुविधा

मेला परिसर में पुलिस शिविर बनाया गया है। यहां से 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी होगी। मेला क्षेत्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से भीड़ और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन और क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को भी तैनात किया गया है। 

वहीं, श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात रहेगी। बुजुर्ग श्रद्धालुओं की मदद के लिए स्वयंसेवकों के साथ व्हीलचेयर की व्यवस्था रहेगी।

पानी, शौचालय और रोशनी की निर्बाध सुविधा

मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को स्वच्छता की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। रात में श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी नहीं हो, इसके लिए पर्याप्त प्रकाश और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। मेला क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों पर हेल्प डेस्क और सहायता शिविर बनाए गए हैं।

यह भी पढ़ें- Pitru Paksha 2026: अगस्त्य मुनि के तर्पण के साथ आज से शुरू होगी पितृपक्ष की तैयारी, कल से पितरों का तर्पण