देहरादून, राज्य ब्यूरो। सड़क पर जाम लगाने व सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में कोर्ट द्वारा मुकदमा वापस लेने संबंधी सरकार की संस्तुति को स्वीकार न करने पर कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उन्हें मान्य होगा। 

कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय, विधायक हरभजन सिंह चीमा व पूर्व सांसद बलराज पासी समेत 22 लोगों पर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सड़क जाम करने और सरकारी काम में बाधा डालने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बीते माह इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सरकार ने इस मुकदमे को वापस लेने की संस्तुति की थी। इसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है। हालांकि, इससे पहले पुलिस ने इस मामले की जांच को पांच पुलिस टीमों का भी गठन किया था, जो अभी भी मामले का परीक्षण कर रही है। 

यह भी पढ़ें: किटी कमेटी संचालकों के खिलाफ इंटक का प्रदर्शन, डीएम ने सौंपी जांच Dehradun

कोर्ट द्वारा मामला अस्वीकार करने के बाद पुलिस ने इन सभी आरोपितों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया है। हालांकि अभी तक यह तामील नहीं कराया गया है। इसके तामील होने पर कैबिनेट मंत्री समेत सभी आरोपितों की गिरफ्तारी होना तय है। बुधवार को देहरादून के महाराणा प्रताप हॉस्टल में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने इस संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि विपक्ष में रहते हुए उन्होंने जनता की मांग को मजबूती से उठाया था। इस दौरान सत्ताधारी दल के इशारे पर उन पर मुकदमें दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह अपील भी करेंगे, जब तक कोर्ट का फैसला उन्हें मान्य होगा।

 यह भी पढ़ें: पूर्व सीएम हरीश रावत बोले, भाजपा सरकार ने पंचायतों को किया कमजोर

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप