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उत्तराखंड में निहंगों का हंगामा: चमोली से भड़की चिंगारी, देहरादून बना 'रणक्षेत्र'

Published: Sat, 27 Jun 2026 06:00 AM (IST)

चमोली में निहंगों से हुए विवाद का असर देहरादून की कुल्हाल-पांवटा साहिब सीमा पर दिख रहा है, जहां पिछले दो ...और पढ़ें

बीते दिनों चमोली जनपद के कर्णप्रयाग में मंगलवार को स्थानीय लोगों पर तलवार से हमला करता निहंग। वीडियोग्रैब

बीते दिनों चमोली जनपद के कर्णप्रयाग में मंगलवार को स्थानीय लोगों पर तलवार से हमला करता निहंग। वीडियोग्रैब

HighLights

  1. चमोली विवाद के कारण देहरादून सीमा पर तनाव बढ़ा

  2. कुल्हाल-पांवटा साहिब सीमा पर पुलिस बल तैनात

  3. राष्ट्रीय राजमार्ग पर हजारों यात्री जाम में फंसे

अंकुर अग्रवाल, देहरादून। निहंगों से विवाद चमोली जिले में हुआ, लेकिन उसकी सबसे बड़ी कीमत देहरादून भुगत रहा है। पिछले दो दिनों से कुल्हाल-पांवटा साहिब सीमा उत्तराखंड की सबसे संवेदनशील चौकी में तब्दील हो गई है।

आम दिनों में जहां यह सीमा प्रदेश में प्रवेश का सामान्य मार्ग होती है, वहीं शुक्रवार को यहां पुलिस के बैरिकेड, पीएसी की तैनाती, तलाशी और वाहनों की लंबी कतारें ही नजर आईं।

हर गुजरते मिनट के साथ तनाव बढ़ता रहा और पूरा प्रशासन इसी एक मोर्चे पर सिमटा दिखाई दिया।

nihangs controversy in uttarakhand

देहरादून के जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने दिनभर सीमा पर डेरा डाले रखा। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पीएसी, खुफिया तंत्र और प्रशासनिक अमला हालात पर नजर रखता रहा।

हर वाहन की जांच हुई, हर गतिविधि पर निगरानी रखी गई और गुरुद्वारा पांवटा साहिब में वार्ता का दौर भी चलता रहा। साफ था कि प्रशासन किसी भी कीमत पर स्थिति को उत्तराखंड की सीमा के भीतर बिगड़ने नहीं देना चाहता। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ा।

Dehradun DM And SSP

देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार थम गई। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले हजारों लोग घंटों जाम में फंसे रहे। कई बसें निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंचीं।

निजी वाहनों में बैठे परिवार, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज उमस और गर्मी के बीच हाईवे पर इंतजार करने को मजबूर रहे। ट्रकों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारों से पूरा मार्ग बोझिल बना रहा।

Police force in doon

दून पुलिस के सामने सबसे बड़ी परीक्षा

यह मामला भले ही चमोली में दर्ज मुकदमे से जुड़ा हो, लेकिन कानून-व्यवस्था की सबसे बड़ी परीक्षा देहरादून पुलिस के सामने आ खड़ी हुई है। पिछले दो दिनों से जिले का बड़ा पुलिस बल इसी एक मोर्चे पर लगा हुआ है।

सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती करनी पड़ी। इसका सीधा असर जिले की सामान्य पुलिस व्यवस्था पर भी पड़ा, क्योंकि बड़ी संख्या में अधिकारी व पुलिसकर्मी सीमा सुरक्षा में व्यस्त रहे।

Nihang in doon city

हाईवे बना इंतजार का रास्ता

पांवटा मार्ग उत्तराखंड को हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और जम्मू से जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग है। ऐसे में सुरक्षा जांच और नाकेबंदी के कारण पूरे दिन वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई यात्रियों ने समय पर गंतव्य तक न पहुंच पाने की शिकायत की। व्यापारिक परिवहन भी प्रभावित रहा और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले वाहन भी जाम में फंसे रहे।

Nihang at premnagar dehradun

प्रशासन की रणनीति-संयम भी, सख्ती भी

प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम में टकराव से बचते हुए संयम बनाए रखा, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कहीं भी ढिलाई नहीं बरती। सीमा पर प्रवेश को पूरी तरह नियंत्रित रखा गया।

वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी रही, वहीं पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिए कि उत्तराखंड की सीमा के भीतर किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सबसे बड़ा सवाल

एक विवाद, जिसकी शुरुआत सैकड़ों किलोमीटर दूर चमोली में हुई, उसने देहरादून की पुलिस, प्रशासन और आम लोगों की दिनचर्या तक बदल दी। अब सवाल यह है कि यदि ऐसे हालात लंबा खिंचते हैं तो क्या देहरादून की कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात का दबाव और नहीं बढ़ेगा?

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