देहरादून, राज्य ब्यूरो। गंगा की स्वच्छता और निर्मलता के मद्देनजर प्रदेश में चल रही नमामि गंगे परियोजना के तहत श्रीनगर (गढ़वाल) में विभिन्न कार्य होंगे। श्रीकोट नाले का ट्रीटमेंट भी इसी के तहत किया जाएगा। 

सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को विधानसभा स्थित सभाकक्ष में नमामि गंगे परियोजना, क्षेत्र की पेयजल और सीवर लाइनों से संबंधित समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे में श्रीकोट नाले का ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसके अलावा श्रीनगर में अलकनंदा नदी में दो नए घाटों का निर्माण भी कराया जाएगा। डॉ.रावत ने बताया कि श्रीनगर में कई क्षेत्रों में सीवरलाइन नहीं बिछी है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें। क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 32 करोड़ की लागत वाली ढिकालगांव खिर्सू पंपिंग पेयजल योजना का कार्य पूरा होने को है। एक जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री इसका लोकार्पण करेंगे। इस योजना से संपूर्ण खिर्सू ब्लाक को शत प्रतिशत पेयजल आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिडोलस्यूं पाबो पंपिंग योजना की डीपीआर में संशोधन किया जाएगा। 
इसका मकसद भी क्षेत्र के सभी गांवों को जलापूर्ति करना है। इससे पहले बैठक में डॉ.रावत ने श्रीनगर क्षेत्र में सीवरलाइन, इससे जुड़े घरों, एसटीपी की स्थिति समेत तमाम बिंदुओं पर अधिकारियों से जानकारी ली। बैठक में सचिव पेयजल अरविंद सिंह ह्यांकी, प्रबंधन निदेशक पेयजल निगम भजन सिंह, एसपीएमजी नमामि गंगे के जीएम प्रभातराज आदि मौजूद थे।

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