देहरादून, जेएनएन। हिसार के कारोबारी से 29 हजार 500 रुपये की वसूली के आरोप में गिरफ्तार किए गए स्टेट जीएसटी अधिकारी (निलंबित) अनिल कुमार के कई संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन जांच अधिकारियों के हाथ लगे हैं। ये सभी ट्रांजेक्शन अनिल के एसबीआइ के खाते के हैं। कुल चार बैंक खातों की जानकारी विजिलेंस को मिली है।

अब तक की जांच में इन सभी ट्रांजेक्शन को संदिग्ध माना जा रहा है। क्योंकि, इन ट्रांजेक्शन से धनराशि उसी रूप में अनिल कुमार के खाते में आई है, जैसे हिसार के कारोबारी से वसूली में प्राप्त की गई थी। अभी पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों की स्पष्ट जांच की जानी शेष है।

अब तक की जांच में पाया गया है कि एसबीआइ के खाते में जो रकम डाली गई, वह मार्च 2019 से फरवरी 2020 के बीच की है। इस तरह की 20 संदिग्ध ट्रांजेक्शन में 5.42 लाख रुपये डाले गए हैं। विजिलेंस टीम ने अनिल कुमार के पैन (परमानेंट अकाउंट नंबर) से लिंक सभी बैंक खातों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। 

अनिल की एक और शिकायत मिली

जीएसटी अधिकारी अनिल कुमार की एक और शिकायत मिली है। इसे सहारनपुर के एक कारोबारी ने सीएम हेल्पलाइन में दाखिल किया था। एक अक्टूबर 2019 को कराई गई शिकायत में कारोबारी ने आरोप लगाया है कि अनिल पूरे दस्तावेज होने पर भी जबरन माल रोककर वसूली करते हैं। हालांकि, अज्ञात कारणों से इस शिकायत को बाद में वापस ले लिया गया था।

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विभाग से भी रिकॉर्ड तलब कर रही विजिलेंस

वसूली का मामला सामने आने के बाद आयुक्त राज्य कर सौजन्या ने अनिल को 20 फरवरी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद विजिलेंस ने अनिल कुमार और उसके सहयोगी अजय मलिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा कायम कर दोनों को मेरठ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विजिलेंस ने अनिल के आवास पर छापा भी मारा था। अब उसके कुछ रिकॉर्ड स्टेट जीएसटी विभाग से भी तलब किए जा रहे हैं।

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Posted By: Bhanu Prakash Sharma

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