देहरादून, जेएनएन। रसोई गैस की घटतौली से लोगों के किचन का बजट डगमगा रहा है। सीमांत तहसील क्षेत्र के अटाल पंचायत में होम डिलीवरी के तहत रसोई गैस देने गए डिलीवरों को भरे हुए गैस सिलेंडर का वजन साढ़े चार किलो कम निकलने पर लोगों का विरोध झेलना पड़ा। रसोई गैस की घटतौली से भड़के लोगों ने जीएमवीएन अधिकारियों से व्यवस्था जल्द सुधारने को कहा है।

जौनसार-बावर की सीमांत तहसील त्यूणी क्षेत्र में सैकडों ग्रामीण उपभोक्ताओं को रसोई गैस उपलब्ध कराने का जिम्मा गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के पास है। अटाल पंचायत में शनिवार को रसोई गैस देने पहुंचे डिलीवरों के दिए गैस सिलेंडर का वजन कम होने पर उपभोक्ताओं ने नजदीकी दुकानों में रखे तराजू पर सिलेंडर का वजन कराया, जिसमें साढ़े चार किलो गैस कम पाई गई। 

रविवार को भी कई उपभोक्ताओं ने इस तरह की घटतौली पाई। अटाल पंचायत में निगम के साढ़े तीन सौ से अधिक ग्रामीण उपभोक्ताओं का विरोध डिलीवरों को झेलना पड़ा। अटाल व्यापार मंडल के सचिव श्रीचंद शर्मा, फतेह सिंह राणा, महिमानंद शर्मा, धीरज सिंह राणा व ग्रामीण युवा संगठन के अध्यक्ष बसंत शर्मा आदि ने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर का वजन साढ़े चार किलो कम है। 

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लोगों ने तराजू में भरे हुए गैस सिलेंडर का वजन देखा तो यह बात सामने आई। लोगों के विरोध जताने पर संचालक वहां चलते बने। वहीं, तहसीलदार त्यूणी केडी जोशी ने कहा कि मामले की जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।

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