देहरादून, जेएनएन। दून में प्याज के दामों में बनी वृद्धि से अब खपत में गिरावट आ रही है, जिससे विक्रेताओं को भी नुकसान हो रहा है। दामों पर नियंत्रण कसने के लिए अब फुटकर और थोक व्यापारी साथ मिलकर प्रयास करेंगे। 

शनिवार को निरंजनपुर मंडी परिसर में मंडी समिति के अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें थोक और फुटकर विक्रेताओं ने प्रतिभाग किया। बैठक में प्याज के दामों में बनी वृद्धि के कारणों और इनमें कमी लाने के प्रयासों पर चर्चा की गई। थोक व्यापारियों ने बताया कि वर्तमान में मुख्यत: अलवर और इंदौर से ही प्याज की आपूर्ति हो रही है। हालांकि दिल्ली से तुर्की और अफगानिस्तान का प्याज भी लाया जा रहा है, लेकिन विदेशी प्याज की बाजार में खरीद कर होने के कारण इंदौर के प्याज की खपत बढ़ गई है। ऐसे में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने की आवश्यकता है। 
थोक व्यापारियों ने बताया कि नासिक प्याज न आने के कारण स्थिति विकट हुई। उम्मीद है जल्द नासिक से आपूर्ति सुचारू हो जाएगी और प्याज के दाम सामान्य हो जाएंगे। वहीं फुटकर व्यापारियों ने कहा कि उनकी ओर से प्याज पर कम से कम मुनाफा कमाने का प्रयास किया जाएगा। थोक दरों के अलावा ढुलाई भाड़ा और मजदूरी जोड़ने के बाद न्यूनतम मुनाफा जोड़ा जाएगा। 
उधर, मंडी सचिव विजय थपलियाल ने कहा कि व्यापारियों के मांग के अनुरूप प्याज का आयात बढ़ाया जाएगा। नैफेड के दिल्ली केंद्र से भी 1000 मीट्रिक टन प्याज मंगाया जा रहा है। बैठक में मंडी पर्यवेक्षक प्रदीप शर्मा, मंडी निरीक्षक अजय डबराल, हरीश कोहली, प्रीतम डिमरी, दिनेश डोभाल, प्रवेश शर्मा, विकास चौधरी आदि शामिल थे।

 

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