राज्य ब्यूरो, देहरादून। सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के भोजन को पौष्टिक बनाने में योगदान दे रहे किचन गार्डन अब उनकी पढ़ाई के भी काम आ रहे हैं। भोजन माताओं के साथ स्कूली बच्चे किचन गार्डन को विकसित करने के गुर सीख रहे हैं। साथ में सब्जियों के नाम व अन्य जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। यह तय किया गया कि किचन गार्डन के बारे में बच्चों को अधिक जानकारी दी जाएगी।

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में करीब 3200 विद्यालयों में किचन गार्डन हैं। हर साल विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित किए जा रहे हैं। बीते वर्ष 2020 से लेकर वर्तमान में अगस्त, 2021 तक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद रहने से किचन गार्डन योजना भी तकरीबन ठप पड़ गई थी। अब विद्यालय खुलने के बाद इस योजना को प्रारंभ किया गया है। किचन गार्डन से मिड डे मील के लिए ताजी सब्जियां तो उपलब्ध हो ही रही हैं, बच्चों के लिए यह सीखने का अच्छा जरिया बन गया है।

शिक्षा सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि भोजन माताओं के साथ बच्चे किचन गार्डन में काम करने के साथ ही सब्जियों के नाम और खेती से संबंधित कई जानकारी हासिल कर रहे हैं। किचन गार्डन स्थानीय कृषि से संबंधित जानकारी मुहैया कराने का अच्छा माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के साथ विभागीय बैठक में उन्हें भी यह जानकारी दी गई।

आयोग उपाध्यक्ष ने सीखने-सिखाने का जरिया बन रहे किचन गार्डन संबंधित विद्यालयों के फोटोग्राफ्स भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आयोग के निर्देश की जानकारी संबंधित विभाग और अधिकारियों से देने को कहा है, ताकि इस योजना को बेहतर ढंग से प्रदेश में लागू किया जा सकेगा। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।

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Edited By: Sunil Negi