राज्य ब्यूरो, देहरादून। कोरोना काल में बंद पड़े सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सब्जियों की बगिया फिर से हरी-भरी होगी। साथ ही अन्य 1300 विद्यालयों में भी ऐसी ही बगिया बनाने को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मिड डे मील योजना में स्कूली बच्चों के भोजन में ताजी सब्जियों को शामिल करने के लिए किचन गार्डन की इस योजना को और तेजी से बढ़ाने की तैयारी है।

केंद्र और प्रदेश की सरकारें स्कूली बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह निजात दिलाने के अभियान पर काम कर रही हैं। इसके लिए मिड डे मील योजना और राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत बच्चोें को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और मात्रा पर खास जोर दिया जा रहा है। बच्चों को भोजन में ताजी सब्जियां खाने को मिलें, इसके लिए विद्यालयों में उपलब्ध भूमि पर किचन गार्डन बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभी तक 1365 विद्यालयों में किचन गार्डन बनाए जा चुके हैं।

ताजी सब्जियों के रूप में पौष्टिक भोजन के साथ ही इस योजना के अन्य दो प्रमुख मकसद भी हैं। किचन गार्डन के माध्यम से बच्चों को कृषि और सब्जियों के बारे में उपयोगी जानकारी मिल रही है। ये जानकारी उन्हें अपने परिवेश से जोड़ने के साथ पौष्टिक भोजन की जरूरत को लेकर उनका ध्यान खींच रही है। पर्यावरण के साथ पानी के उपयोग को लेकर भी बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। यही वजह है कि किचन गार्डन को अब व्यापक रूप से बनाने के लिए विद्यालयों को प्रेरित करने का अभियान तेज किया जा चुका है।

चालू शैक्षिक सत्र 2020-21 में तकरीबन पूरे साल ही कोरोना संकट की वजह से स्कूल खासतौर पर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद रहे हैं। इस वजह से किचन गार्डन की देखरेख नहीं हुई है। नए शैक्षिक सत्र से किचन गार्डन योजना को और तेजी से संचालित करने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। विद्यालय खुलते ही पुराने किचन गार्डन दुरुस्त किए जाएंगे। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि कोरोना की वजह से और 500 विद्यालयों में किचन गार्डन नहीं बनाए जा सके हैं। नए सत्र में करीब 1300 और विद्यालयों में किचन गार्डन बनाए जाएंगे। इसके लिए मिड डे मील योजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें-उत्तराखंड में बैंबू देगा ग्रामीणों की आर्थिकी को सहारा, जानिए पूरी योजना

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

Edited By: Sunil Negi