जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। कोरोना संक्रमण काल के दौरान विपरीत परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभा रहे चिकित्सकों पर निरंतर हो रहे हमलों से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नाराजगी व्यक्त की है। आइएमए ने विरोध दिवस मनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।

चिकित्सकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार को राष्ट्रीय विरोध दिवस मनाने की घोषणा की थी। जिसके तहत आइएमए ऋषिकेश शाखा के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कैंप कार्यालय जाकर उन्हें ज्ञापन दिया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में चिकित्सकों और स्टाफ के साथ हिंसा की घटनाओं पर रोज जताते हुए आइएमए सदस्यों ने कहा कोरोना संक्रमण के दौरान करीब 700 चिकित्सकों की मृत्यु हुई है। उसके बावजूद चिकित्सकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। आइएमए ने मांग उठाई कि मारपीट करने वाले दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक में सुनवाई करते हुए दंडित किया जाए। अस्पतालों को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। प्रत्येक अस्पताल में मानकीकरण और सुरक्षा में वृद्धि की जाए। आइएमए ने कहा कि टीकाकरण राष्ट्रीय अभियान के खिलाफ जो भी व्यवधान पैदा कर रहा है उस पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

विरोध दर्ज कराने वालों में आइएमए के अध्यक्ष डा. हरिओम प्रसाद, सचिव डा. यूएस खरोला, कोषाध्यक्ष डा. अमित अग्रवाल, डा. आरके भारद्वाज, डा. वीके पूरी, डा. विनीता पुरी, डा. यूपी गुप्ता, डा. सोनम, डा. बीएम सोनी, डा. डीपी रतूड़ी आदि शामिल रहे।

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Edited By: Sunil Negi