हरीश रावत का सरकार पर हमला: भराड़ीसैंण सत्र सिर्फ 24 घंटे की पिकनिक, विकास को बजट नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र को लेकर उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया ...और पढ़ें


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राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा सत्र के बाद लौटी प्रदेश सरकार पर गैरसैंण के विकास को लेकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि सरकार 24 घंटे में भराड़ीसैंण में पिकनिक मनाकर लौट आई है। भराड़ीसैंण में विस सत्र को लेकर सरकार की कवायद महज सांकेतिक है।
गुरुवार को एक्स पर जारी पोस्ट में उन्होंने कहा कि जिस तरह बड़े कारपोरेट घराने अपने कर्मचारियों के साथ एक दिन रिसार्ट में बिताकर मुख्यालय लौट जाते हैं, उसी तरह उत्तराखंड सरकार भी भराड़ीसैंण की 24 घंटे की यात्रा कर वापस आ गई।
हरीश रावत ने कहा कि राज्य की वर्तमान और भावी परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने गैरसैंण पर अधिक न बोलने का निर्णय पहले ही ले लिया था। हालांकि, उनकी सरकार के दौरान गैरसैंण में किए गए कार्यों ने बाद की सरकारों को भी इसे अपनी गतिविधियों में शामिल करने के लिए बाध्य किया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने 2017 से सिंचाई विभाग की अलमारियों में पड़ी रामगंगा जलाशय योजना की फाइल को बजटीय आवरण पहना दिया, ताकि भविष्य में ग्रीष्मकालीन राजधानी में किए गए कार्यों का हिसाब मांगे जाने पर जवाब दिया जा सके।
रावत ने कहा कि यदि सरकार ने लोक निर्माण विभाग में वर्षों से लंबित गरुड़-देवनाई-बच्चुवाबां सड़क, मार्चुला-भिकियासैंण-चौखुटिया-भराड़ीसैंण मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण, मैदावन-नयार-आदिबद्री सड़क, शामा-ग्वालदम-भराड़ीसैंण मार्ग और पौड़ी से दुधातोली-भराड़ीसैंण सड़क समेत सात परियोजनाओं को भी बजट दिया होता, तो सरकार की यह कवायद कुछ सार्थक दिखाई देती।
