यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड: दीपावली पर आतिशबाजी से कहीं बच्चे झुलसे, कहीं गोदाम में लगी भीषण आग
रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर में जलता हुआ राकेट गिरने से कबाड़ी के गोदाम में भयंकर आग लग गई। गोदाम ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। दीपावली पर हुई आतिशबाजी से कहीं आग लगने की घटना सामने आई है तो कहीं पटाखे जलाते वक्त बच्चे झुलस गए। ऋषिकेश में आंगन में पटाखे जला रहा एक नौ वर्षीय बच्चा बुरी तरह झुलस गया। उसे राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। वहीं, हरिद्वार में हरिद्वार में कबाड़ी की दुकान, जबकि रुड़की में एक फर्नीचर शोरूम में आग लग गई। फायर ब्रिगेड ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
पटाखे की चपेट में आकर बच्चा झुलसा
ऋषिकेश में शुक्रवार की सुबह घर के आंगन में पटाखे जला रहा एक नौ वर्षीय बच्चा बुरी तरह झुलस गया। बालक को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
चिकित्सकों के मुताबिक पशु लोक आम बाग निवासी देवा (नौ वर्ष) पुत्र छड़ीराम घर के आंगन में पटाखे फोड़ रहा था।अचानक पटाखे की चपेट में आकर वह बुरी तरह झुलस गया। उसे लेकर स्वजन राजकीय चिकित्सालय पहुंचे, जहां उसका उपचार किया गया। बालक की छाती, हाथ और चेहरा काफी झुलस गए हैं।
पटाखे से गोदाम में लगी भीषण आग
दरअसल, दीपावली के मौके पर आतिशबाजी हो रही थी। इस बीच रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गोदाम में देर शाम को राकेट से अचानक आग लग गई। आग लगने से खुले गोदाम में रखा सामान जलकर खाक हो गया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। आग की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची। दमकल विभाग की टीमें काफी देर तक आग बुझाने में लगी रहीं।
फर्नीचर शोरूम में भी लगी आग, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
वहीं, दूसरी ओर रुड़की शहर के चंद्रपुरी में स्थित गोयल फर्नीचर शोरूम में भी दीपावली की रात करीब दस बजे अचानक आग लग लग गई। शोरूम से आग की लपटें उठती देख किसी ने दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दमकल विभाग की टीम ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
हरिद्वार में पटाखों से झुलसने के 15 मामले
दीपावली पर पटाखों से झुलसने के 15 से ज्यादा मामले जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। इनमें 18 से 20 आयु वर्ग के युवा ज्यादा थे। किसी के हाथ तो किसी के बांह पटाखे से झुलस गए। प्रभारी सीएमएस डॉ चंदन मिश्रा ने बताया कि इसके अलावा इमरजेंसी में एक्सीडेंट के छह मामले आए। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
