हरिद्वार अर्द्धकुंभ मेला में परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर, सुरक्षा में तैनात होंगे 30 हजार से अधिक जवान
अगले वर्ष जनवरी में प्रस्तावित अर्द्धकुंभ मेले के लिए सुरक्षा व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से मजबूत की जाएगी। नवंबर से फरवरी ...और पढ़ें


समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, देहरादून। अगले वर्ष जनवरी में प्रस्तावित अर्द्धकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी चरणबद्ध तरीके से मजबूत की जाएगी। मेले के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस समेत विभिन्न सुरक्षा बलों की तैनाती को अलग-अलग चरणों में बढ़ाया जाएगा।
नवंबर से शुरू होने वाली तैनाती फरवरी तक अपने चरम पर पहुंचेगी। अंतिम चरण तक कुल 30,446 कार्मिक मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
अगले वर्ष होना है अर्द्धकुंभ
प्रदेश में अगले वर्ष अर्द्धकुंभ का आयोजन होना है। इसे सुरक्षित व सकुशल संपन्न कराने के लिए तैयारियां जोरों पर है। इस कड़ी में पुलिस मुख्यालय ने भी सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चरणवार तैनाती का खाका तैयार किया है। इसके तहत प्रारंभिक चरण में नवंबर में 8050 कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।
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इस दौरान मेले की व्यवस्थाओं के साथ ही प्रमुख मार्गों, स्नान घाटों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत किया जाएगा। जनवरी में मुख्य आयोजन शुरू होने के साथ ही सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाकर 15,870 कर दी जाएगी। श्रद्धालुओं की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए पुलिस बल को भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जाएगी।
फरवरी में तीसरे चरण के दौरान तैनाती बढ़कर 23,470 कार्मिकों तक पहुंच जाएगी। इसके बाद चौथे और अंतिम चरण में सुरक्षा व्यवस्था के लिए कुल 30,446 कार्मिक उपलब्ध रहेंगे। इनमें होमगार्ड के चार हजार कार्मिक भी शामिल होंगे। अर्द्धकुंभ के दौरान यह कार्मिक मुख्य स्नान पर्वों और समापन तक सुरक्षा व्यवस्था व यातायात प्रबंधन में जोर देंगे।
इस दौरान पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात और भीड़ नियंत्रण पर भी विशेष जोर रहेगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल ही में अर्द्धकुंभ की तैयारियों की समीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए हैं।
