हरिद्वार अर्द्धकुंभ में एआई का सुरक्षा कवच, वन्यजीवों की गतिविधियों पर पैनी नजर
वन विभाग हरिद्वार में अगले साल होने वाले अर्द्धकुंभ मेले में वन्यजीवों की घुसपैठ रोकने के लिए एआई-आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित करेगा।


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केदार दत्त, देहरादून। धर्मनगरी हरिद्वार में अगले साल होने वाले अर्द्धकुंभ मेले में वन्यजीव परेशानी का सबब न बनें, इसके लिए वन विभाग आधुनिक तकनीकी का सहारा लेने जा रहा है।
इस कड़ी में राजाजी टाइगर रिजर्व और हरिद्वार वन प्रभाग अब वन्यजीवों के आवागमन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सर्विलांस सिस्टम स्थापित करेंगे। इसके माध्यम से हाथी समेत दूसरे वन्यजीवों की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। विभाग की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
हरिद्वार में हर साल ही विभिन्न पर्व, त्योहारों के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। अगले साल वहां अर्द्धकुंभ है, जिसमें श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहेगा। राजाजी टाइगर रिजर्व और हरिद्वार वन प्रभाग से सटे कुंभ क्षेत्र में कई बार हाथी, गुलदार समेत अन्य वन्यजीवों की धमक चुनौती बन जाती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एआई तकनीकी से लैस निगरानी प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है। विभाग का लक्ष्य दिसंबर के आखिर तक इस पूरे सिस्टम को संचालित करने का है, ताकि कुंभ मेले से पहले प्रभावी मानीटरिंग हो सके। राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में भी इस पर चर्चा हुई और वन विभाग को इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
ऐसे काम करेगा यह सिस्टम
योजना के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में हाई रिजोल्यूशन के एआइ कैमरे लगाए जाएंगे, जो दिन-रात निगरानी करेंगे। किसी भी वन्यजीव का मूवमेंट नजर आने पर इनके माध्यम से तत्काल ही सूचना कंट्रोल रूम पहुंच जाएगी। ये कंट्रोल रूम राजाजी और हरिद्वार प्रभाग में स्थापित होंगे। इनसे सूचना मिलते ही त्वरित प्रतिक्रिया दल के सदस्य मौके पर पहुंचकर वन्यजीव को जंगल की ओर खदेड़ देंगे।
इन क्षेत्रों में लगेंगे कैमरे
रोशनाबाद, श्यामपुर, चिड़ियापुर, रानीपुर, मोतीचूर समेत अन्य स्थलों पर 50 से अधिक कैमरे लगेंगे। हरिद्वार में अर्द्धकुंभ क्षेत्रांतर्गत पड़ने वाले रेलवे ट्रेक पर भी कैमरे लगाने की योजना है। प्रमुख वन संरक्षक एवं राज्य की मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल के अनुसार शासन से हरी झंडी मिलते ही हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में यह सिस्टम स्थापित कर दिया जाएगा।
