देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: सियासी सक्रियता से इतर अपने खास अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत होली पर भी कुछ अलग रंग में नजर आए। उन्होंने होल्यारों के दल के साथ होली गीतों का जमकर लुत्फ उठाया तो खुद को ढोल-मजीरे की थाप पर थिरकने से भी नहीं रोक पाए। होली मिलन कार्यक्रम के जरिये जहां उन्होंने होली के पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने पर जोर दिया, वहीं संस्कृति के विभिन्न स्वरों को संजोकर 'सांस्कृतिक उत्तराखंड' का कांसेप्ट भी पेश किया। वह बोले, बरसाने की होली की दुनिया दीवानी है। ठीक इसी तरह उत्तराखंड की होली की भी मार्केटिंग कर दें तो हजारों की संख्या में लोग इससे जुड़ेंगे।

सियासी आपाधापी से दूर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दून में अपने आवास पर होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें पर्वतीय होली समिति के अल्मोड़ा, ऋषिकेश व देहरादून से आए कलाकारों ने बैठकी व खड़ी होली गीतों की छटा बिखेरी तो हर कोई होली के रंगों में सराबोर हो गया। इससे पहले हरदा ने कार्यक्रम में शामिल होने आए सभी लोगों को चंदन का टीका लगाकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं।

हरदा ने कहा कि चार साल पहले उन्होंने सरकार में रहते हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी और आज आम नागरिक के रूप में भी इस परंपरा को जारी रखा है। उन्होंने कहा कि यह कोई सियासी कार्यक्रम नहीं है। हमने तो इसमें भाजपा के साथियों अजय भट्ट, रमेश पोखरियाल निशंक समेत अन्य दोस्तों को भी बुलाया था, लेकिन शायद किसी कार्य में व्यस्त रहने के कारण वे नहीं आ पाए।

अपने संबोधन में उन्होंने गढ़वाल एवं कुमाऊं की होली की समृद्ध परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि अल्मोड़ा की बैठकी होली को यूनेस्को की धरोहरो में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं। 

इस मौके पर गायक गिरीश बरगली सहित अन्य कलाकारों ने होली गीतों की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में विधायक मनोज रावत, ममता राकेश व हरीश धामी, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, दिनेश धनै, टीपीएस रावत, तिलक राज बेहड़ व मातबर सिंह कंडारी, पूर्व विधायक राजकुमार, राजेंद्र भंडारी, सपा के एनएस सचान, भाकपा नेता समर भंडारी, सामाजिक कार्यकर्ता आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, हेमा पुरोहित समेत अन्य दलों व संगठनों के लोग मौजूद थे।

बनाएं सांस्कृतिक उत्तराखंड

हरदा ने सांस्कृतिक उत्तराखंड का कांसेप्ट देते हुए कहा कि होली के साथ ही संस्कृति के अन्य स्वरों का यहां समृद्ध संगम है। इन सभी का समावेश करते हुए हमें सांस्कृतिक उत्तराखंड बनाना होगा। 

पहाड़ी व्यंजनों की भी महक

कार्यक्रम में होली के पारंपरिक व्यंजनों के साथ ही पहाड़ी व्यंजनों की खुशबू भी महकी। फिर चाहे वह खिनालू के गुटके हों या मंडुवे के लड्डू, सभी का लोगों ने आनंद उठाया।

नदारद रहे अध्यक्ष समेत बड़े नेता

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश समेत अन्य बड़े नेता कार्यक्रम से नदारद रहे। इसे लेकर तमाम सवाल भी फिजां में तैरते रहे।

मेरे खाते की भी जांच करा ले सरकार

एनएच-74 घपले की जांच की आंच और पार्टी के खाते में जमा हुई रकम को लेकर बाहर और भीतर से उठ रही उंगलियों पर भी हरदा ने सहजता से जवाब दिया। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो कांग्रेस के साथ ही उनके खाते की जांच करा ले। वह इसके लिए भी तैयार हैं।

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Posted By: Bhanu

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