विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड सरकार की निहंगों से वार्ता की नई रणनीति, सुलह के लिए उतारे सिख व पंजाबी IPS अधिकारी

Published: Sat, 27 Jun 2026 06:15 AM (IST)

सरकार ने कर्णप्रयाग निहंग विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए सिख आईपीएस अधिकारियों को वार्ता की जिम्मेदारी सौंपी।

एडीएम वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा और एसएसपी हरिद्वार नवनीत भुल्लर को ज्ञापन देते हुए। साभार- जिला प्रसासन

एडीएम वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा और एसएसपी हरिद्वार नवनीत भुल्लर को ज्ञापन देते हुए। साभार- जिला प्रसासन

HighLights

  1. सरकार ने निहंग विवाद सुलझाने को सिख IPS को सौंपा जिम्मा

  2. पांवटा साहिब में निहंगों से हुई तीन घंटे की वार्ता

  3. निहंगों ने गिरफ्तार साथियों की रिहाई को दो दिन का समय दिया

जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून)। कर्णप्रयाग विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए सरकार ने शुक्रवार को एक अलग रणनीति अपनाई। निहंगों से संवाद स्थापित करने और गतिरोध तोड़ने के लिए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर को वार्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई।

सिख समुदाय से होने के कारण सरकार को उम्मीद थी कि उनकी मौजूदगी से बातचीत का माहौल सहज बनेगा और समाधान की दिशा में प्रगति होगी। उनके साथ अल्मोड़ा के अपर पुलिस अधीक्ष्रक हरबंस सिंह को भी लगाया गया।

इसी रणनीति के तहत पांवटा साहिब गुरुद्वारे में करीब तीन घंटे तक वार्ता चली। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुई बातचीत में एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर, एडीएम देहरादून केके मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, अल्मोड़ा के एएसपी हरबंस सिंह और एसपी देहात पंकज गैरोला शामिल रहे।

अधिकारियों ने निहंग प्रतिनिधियों को शांतिपूर्ण समाधान का भरोसा दिलाते हुए कानून के दायरे में रहने की अपील की। सूत्रों के अनुसार वार्ता के दौरान निहंग अपने गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े रहे।

काफी देर तक चली बातचीत के बाद उन्होंने प्रशासन को दो दिन का समय दिया। उनका कहना था कि यदि इस अवधि में उनके साथियों की रिहाई नहीं होती है तो वे कर्णप्रयाग की ओर कूच करेंगे। फिलहाल उन्होंने पांवटा साहिब में ही रुकने का निर्णय लिया है।

सीएम खुद लेते रहे पल-पल की जानकारी

निहंग प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। सूत्रों के अनुसार, मामला संवेदनशील होने के कारण राज्य सरकार पर केंद्र स्तर से भी इसे शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का दबाव था।

इसी रणनीति के तहत वार्ता के लिए सिख समुदाय से आने वाले वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी एवं हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर को भी आगे किया गया, ताकि संवाद सहज माहौल में हो सके और गतिरोध का समाधान निकल सके।

सरकार की प्राथमिकता किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की रही।

मिली राहत, पांवटा पुल पर आवाजाही बहाल

दो दिन का समय मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन ने कुछ राहत महसूस की और पांवटा पुल पर बंद की गई आवाजाही को बहाल कर दिया। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से कोई ढील नहीं दी गई है।

पांवटा पुल और बल्लूपुर-दून-पांवटा फोरलेन पर पुलिस, पीएसी और अर्द्धसैनिक बल की भारी तैनाती बरकरार है। सीमा पर वाहनों की लगातार जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ अधिकारी नजर बनाए हुए हैं।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि अगले दो दिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयास जारी रहेंगे।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में घुसे निहंगों पर मुकदमा, पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास और शस्त्र लहराने का है आरोप

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड बॉर्डर पर कड़ा पहरा: निहंगों के मूवमेंट को लेकर DM-SSP ने सीमा पर संभाला मोर्चा