देहरादून, राज्य ब्यूरो। न्यूनतम वेतन से वंचित प्रदेश के सहायताप्राप्त अशासकीय शिक्षण संस्थाओं के सैकड़ों पेंशनरों की आखिरकार सरकार ने सुध ली। इन्हें भी सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर अब न्यूनतम 9000 रुपये पेंशन मिलेगी। वित्त सचिव अमित नेगी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। 

प्रदेश के सहायताप्राप्त अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षण, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के पेंशनरों को न्यूनतम पेंशन मिलने में लंबे अरसे से दिक्कतें पेश आ रही थीं। दरअसल वित्त विभाग की ओर से 17 अगस्त, 2017 में आदेश जारी कर अशासकीय सहायताप्राप्त शिक्षण संस्थानों के कार्मिकों को सातवें वेतनमान की सिफारिश के मुताबिक न्यूनतम 9000 रुपये पेंशन देने के आदेश जारी किए गए थे। 

इसके बावजूद कोषागारों से इन पेंशनरों को उक्त न्यूनतम पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा था। इस संबंध में सहायताप्राप्त अशासकीय शिक्षण संस्थाओं में कार्यरत कार्मिकों और पेंशनरों के संगठनों की ओर से सरकार से मांग की जा रही थी। वित्त सचिव अमित नेगी ने उक्त संबंध में कोषागार निदेशक को स्पष्टीकरण आदेश जारी किया।

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आदेश के मुताबिक एक जनवरी, 2016 से पहले के प्रदेश के अशासकीय सहायताप्राप्त महाविद्यालयों, शिक्षण और प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के सभी पेंशनरों की न्यूनतम पेंशन राशि का निर्धारण सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के मुताबिक किया जाएगा। इस आदेश से प्रदेश के सैकड़ों पेशनरों को राहत मिलेगी।

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