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आस्था से विकास के केंद्र में उत्तराखंड, राष्ट्रपति का सातवां दौरा... पीएम मोदी आ चुके 28 बार

Published: Wed, 28 Oct 2026 12:12 PM (IST)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार दौरों से उत्तराखंड आस्था और विकास का केंद्र बन गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु। फाइल फोटो

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु। फाइल फोटो

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अंकुर अग्रवाल, देहरादून। देवभूमि से जुड़ाव हो तो बार-बार यहां लौटने के अवसर भी बनते हैं। यही कारण है कि उत्तराखंड आस्था से विकास तक शीर्ष नेतृत्व के केंद्र में बस चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु हों या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। दोनों का देवभूमि से आत्मीय नाता बन गया है।

बात यहां आगमन की करें तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एक नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचेंगी। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका प्रदेश का सातवां दौरा होगा। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी 2015 से अप्रैल 2026 तक 28 बार उत्तराखंड आ चुके हैं।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लगातार दौरों में देवभूमि की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत, सैन्य परंपरा एवं विकास की अहमियत साफ नजर आती है। राष्ट्रपति मुर्मु के दौरों ने दून के ऐतिहासिक राष्ट्रपति निकेतन को नई पहचान दी है, तो प्रधानमंत्री मोदी के आगमन में चारधाम से लेकर विस्तृत आधारभूत परियोजनाओं तक उत्तराखंड का महत्व उभरा है।

PM Modi

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लगातार दौरों का महत्व केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। मोदी के दौरों में चारधाम, सीमांत क्षेत्र, खेल और संपर्क सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं प्रमुखता से सामने आई हैं।

राष्ट्रपति के दौरों से बढ़ी निकेतन की पहचान

राष्ट्रपति मुर्मु का उत्तराखंड से जुड़ाव उनके लगातार दौरों में दिखाई देता है। दिसंबर 2022 में उन्होंने देहरादून में नागरिक अभिनंदन और दून विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में भाग लिया। इसी दौरान वह मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के कार्यक्रम में भी शामिल हुईं।

अप्रैल 2024 में ऋषिकेश व देहरादून में कार्यक्रमों के बाद जून 2025 में उनका दौरा राष्ट्रपति निकेतन के लिए महत्वपूर्ण रहा। नवंबर 2025 में उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रमों में भाग लिया, जबकि जून 2026 में देहरादून पहुंचीं।

आमजन के लिए खोला गया राष्ट्रपति निकेतन

20 जून 2025 को राष्ट्रपति मुर्मु ने राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन को आम लोगों के लिए खोलने की पहल की। साथ ही राष्ट्रपति उद्यान की आधारशिला रखी। यह परिसर कभी राष्ट्रपति अंगरक्षक के घोड़ों के प्रशिक्षण और ठहराव से जुड़ा रहा है।

निकेतन परिसर में लगभग 132 एकड़ क्षेत्र में राष्ट्रपति उद्यान विकसित किया जा रहा है। जिसमें हरित उद्यान, प्रकृति पथ, झील, तितली घर, पक्षीशाला, पैदल-साइकिल मार्ग, बच्चों के खेलने के स्थान तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री के दौरों में चारधाम से आर्थिक गलियारे तक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड दौरों में धार्मिक आस्था और विकास परियोजनाएं दोनों प्रमुखता से शामिल रही हैं। 2015 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका पहला उत्तराखंड दौरा 11 सितंबर को हुआ था। इसके बाद केदारनाथ-बदरीनाथ, आदि कैलाश और जागेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों से लेकर देहरादून और सीमांत क्षेत्रों तक उनके दौरे होते रहे हैं।

पिछले वर्ष वह नवंबर में राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह के अवसर पर भी दून पहुंचे। अप्रैल 2026 में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के उद्घाटन के लिए उनका आगमन 28वां दौरा रहा।

धामी कार्यकाल में ही मुर्मु के सभी और मोदी के 18 दौरे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पिछले करीब सवा पांच वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अप्रैल 2026 तक 18 बार उत्तराखंड आ चुके हैं, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जून तक छह दौरे कर चुकी हैं। अब राष्ट्रपति का यह सातवां दौरा भी उनके ही कार्यकाल में हो रहा।

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