देहरादून, जेएनएन। छावनी परिषद क्लेमेनटाउन अब खुद पेयजल आपूर्ति का जिम्मा संभालेगा। कैंट बोर्ड की पेयजल योजना का काम अब अंतिम चरण में है। योजना के संचालन को गठित चार सदस्यीय कमेटी ने शुक्रवार को आयोजित कैंट बोर्ड की बैठक में अपनी रिपोर्ट रखी। जिसमें नए कर्मचारियों की भर्ती, कनेक्शन चार्ज, मासिक शुल्क समेत तमाम बिंदु शामिल किए गए हैं। 

बता दें, क्लेमेनटाउन कैंट क्षेत्र में पानी की बहुत ज्यादा किल्लत है। एक बड़ी आबादी अभी भी हैंडपंप के ही सहारे है। आम जन को इन दिक्कतों से मुक्ति दिलाने को निजी पेयजल व्यवस्था पर कसरत शुरू हुई। वर्ष 2012 में एक स्वतंत्र पेयजल योजना का प्रस्ताव बोर्ड में लाया गया। कई साल चली इस कवायद के बाद गत वर्ष तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्षेत्र में 15.60 करोड़ की पेयजल योजनाओं का शिलान्यास किया था। यह योजना अब तैयार है और इससे क्लेमेनटाउन के सात वार्डो में पानी की आपूर्ति की जाएगी।  पिछली बैठक में बोर्ड उपाध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी की अध्यक्षता में एक चार सदस्य कमेटी बनाई गई है, जिसने योजना के संचालन से जुड़े तमाम पहलू पर अपनी रिपोर्ट दे दी है। 

यह दिया प्रस्ताव 

  • पेयजल के लिए किसी तरह की सिक्योरिटी न ली जाए। 
  • 300 गज के आवासीय भवनों से 1200 रुपये व इससे ऊपर 2000 कनेक्शन चार्ज।
  • व्यावसायिक भवनों से 2500 रुपये कनेक्शन चार्ज।
  • शैक्षिक भवन, होटल, गेस्ट हाउस, छात्रावास, अस्पताल, जिम व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से पांच हजार कनेक्शन चार्ज। 
  • 300 गज में बने भवनों से 50 रुपये व इससे ऊपर 75 रुपये मासिक शुल्क। 
  • स्वतंत्रता सेनानी, सेना व अर्धसैनिक  बलों के शहीदों के आश्रितों को निश्शुल्क पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
  • पेयजल कनेक्शन के समय निश्शुल्क मीटर। 

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