देहरादून, जेएनएन। रियायती दर पर जमीन उपलब्ध कराने के नाम पर पांच लोगों ने सचिवालय कल्याण समिति के साथ एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर दी। समिति की शिकायत पर पटेलनगर कोतवाली में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता मोथरोवाला निवासी दीपक जोशी ने पुलिस को बताया कि वह सचिवालय कल्याण समिति के अध्यक्ष हैं। 

वर्ष 2016 में समिति ने इच्छुक सदस्यों को देहरादून में रियायती दर पर आवास मुहैया कराने की योजना बनाई थी। इसके लिए चार अगस्त 2016 को समिति की बैठक हुई, जिसमें सभी सदस्यों ने ग्राम तरला नागल के पास पनाष वैली में जमीन लेने का निर्णय लिया। आदेश चौहान निवासी लाडपुर और रवि चौधरी निवासी गाजियाबाद ने उचित मूल्य पर जमीन दिलाने की बात कही। दोनों समिति के कई पदाधिकारियों को जानते थे, इसलिए उनपर विश्वास कर लिया गया। जमीन के लिए आदेश और रवि ने समिति के पदाधिकारियों की मुलाकात कमल किशोर से कराई, जो सचिवालय कॉलोनी में रहता है। उसके साथ सचिन शर्मा नाम का शख्स भी था। चारों ने समिति के पदाधिकारियों को बताया कि रमेश नाम के शख्स के पास काफी जमीन है, जिसे वह बेचना चाहता है। इसके बाद समिति ने 34 बीघा जमीन का सौदा कर लिया। छह सितंबर 2016 को समिति ने 34 बीघा भूमि का अनुबंध कर लिया। जिसके तहत आरोपितों ने अगस्त से सितंबर के बीच विभिन्न माध्यमों से एडवांस के तौर पर कुल दो करोड़ चौदह लाख 50 हजार रुपये दिए गए। 
कई बार कहने पर भी आरोपितों ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई तो चार नवंबर 2016 को समिति ने बैठक कर अनुबंध को निरस्त करते हुए धनराशि वापस लेने का निर्णय किया। आरोपितों ने बाकी रुपये तो लौटा दिए, लेकिन एक करोड़ रुपये अब तक नहीं लौटाए। एसआइटी की जांच के बाद आदेश चौहान, रवि, रमेश कुमार, सचिन शर्मा और कमल किशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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