देहरादून में पूर्व सीएम हरीश रावत की दावत: स्वाद, संस्कृति और सियासत का संगम
देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्थानीय उत्तराखंडी उत्पादों की दावत दी। इसमें तरबूज, बुराश जूस, जौनसार की चटनी और लाल चावल जैसे व्यंजन परोसे गए।

देहरादून में डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर आयोजित दावत में ककड़ी का स्वाद लेते पूर्व सीएम हरीश रावत। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, देहरादून। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने जुदा अंदाज और उत्तराखंडियत प्रेम के लिए जाने जाते हैं।
इसी कड़ी में शुक्रवार को उन्होंने डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर तरबूज-खरबूज व खीरा-ककड़ी के साथ ही बुराश व नींबू का जूस, जौनसार की टमाटर की चटनी, भट्ट की चुड़कानी, लाल चावल का भात, हरिद्वार के गुड़ जैसे स्थानीय उत्पादों की पार्टी दी तो इसका स्वाद लेने के लिए आवास में जगह कम पड़ गई।
दावत में हरदा के समर्थकों ने तो उत्साह से भाग लिया, लेकिन प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं ने दूरी बनाए रखी।
इस दावत के जरिये हरदा ने अपने अर्जित अवकाश को खोलने के संकेत भी दिए। हालांकि, पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी मूल्यांकन कर रहे हैं कि दिमाग व शरीर को कितनी ताजगी की जरूरत है। इसके बाद ही आगे कोई निर्णय लेंगे।
हरदा ने कहा कि यह उनका गैर राजनीतिक कार्यक्रम है। जब वह मुख्यमंत्री थे तब भी राज्य के उत्पाद व संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करते थे। अब भी वह अपने इस एजेंडे को कोई भी सरकार रहे उसके फोकस से बाहर नहीं जाने देंगे।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार थी तब उन्होंने उत्तराखंड कि संस्कृति, परंपरा, परिधान, व्यंजन व अन्य उत्पादों को बढ़ावा देने के कई योजनाएं आरंभ की थीं।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के अवधेश पंत, सत्यप्रकाश चौहान, प्रेम सिंह दानू ने हरदा को चरखा भेंट किया। दावत के दौरान हरदा ने मेहमानों को अपने हाथों से व्यंजन परोसे।
यह भी पढ़ें- पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आलोचनाओं पर दिया जवाब, बोले- अर्जित अवकाश पर विपरीत ध्रुव बरसा रहे लठ्ठ
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड कांग्रेस में सुलह की कोशिशें तेज, हरीश रावत ने की पहल; तीन नेताओं से की बात
