संवाद सूत्र, रायवाला : दीपावली को अभी सात दिन शेष है, लेकिन शिकारी राजाजी टाइगर रिजर्व में घुसकर उल्लुओं का शिकार न करें, इसके लिए पार्क प्रशासन अलर्ट हो गया है। गौहरी रेंज में भी शिकारियों पर नजर रखने के लिए एक टीम का गठन किया गया। यह टीम जंगल में लगातार ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी नजर रख रही है। गौहरी रेंज के वनक्षेत्राधिकारी धीर ¨सह ने बताया कि दीपावली पर बड़ी संख्या में शिकारी उल्लुओं को पकड़ने में जुट जाते हैं।

उल्लुओं को दीपावली पर तंत्र साधना करने वाले व्यक्तियों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। उल्लुओं को पकड़ने के लिए शिकारियों के गुट आरक्षित वन में हर साल दाखिल होने की कोशिश करते हैं। ऐसे में अब दीपावली नजदीक है, तो कर्मचारियों की टीम बनाई गई है। वे दिन रात जंगल में संदिग्ध और बाहरी व्यक्तियों पर कड़ाई से नजर रखे हुए हैं। हाथियों को लेकर बढ़ाई गश्त गौहरी रेंज के वनक्षेत्राधिकारी धीर ¨सह ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की दस्तक शुरू हो गई। पोटा क्षेत्र में हाथियों के झुंड दिखने की सूचना मिली है। ऐसे में जंगली जानवर से सुरक्षा को लेकर क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। राजाजी पार्क में शिकारियों पर रहेगी नजर उल्लू संरक्षित सूची का वन्य प्राणी है। राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत मोतीचूर, चीला कांसरो रेंज में उल्लू पक्षी बहुतायत संख्या में हैं। उल्लू को आम दिनों में बेशक अशुभ समझा जाता है लेकिन दीपावली में इसकी महत्ता बढ़ जाती है। तंत्र साधना करने वालों की मान्यता है कि तंत्र पूजन में उल्लू की बलि देने से लक्ष्मी की कृपा होती है।

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लिहाजा दीपावली में इसके शिकार की आशंका बढ़ जाती है। एक उल्लू का 25 से 30 हजार रुपये तक सौदा होता है। वहीं उल्लू का शिकार न हो सके इसको लेकर राजाजी पार्क में अलर्ट जारी किया गया है। जंगल में घुसने वालों पर खास नजर रहेगी। मोतीचूर के रेंज अधिकारी महेंद्र गिरि गोस्वामी ने बताया कि पूरे क्षेत्र में चौकसी बढ़ाई गई है।

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