देहरादून, जेएनएन। पेड क्वारंटाइन सिस्टम को लेकर हर व्यक्ति की अपनी व्यथा है, मगर जो बात लोगों को सबसे अधिक अखर रही है, वह है जेब पर अतिरिक्त बोझ। आए दिन प्रशासन को इस बात की जानकारी मिल रही है कि कई लोग पैसा न होने की बात कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए अब तक 15 लोगों के बिल में डिस्काउंट करने का आग्रह होटल संचालकों से किया गया है। वहीं, एक व्यक्ति को संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट करना पड़ गया।

दून में पेड क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए अब तक 53 होटलों में से 25 में बुधवार तक 334 लोगों को सात दिन के लिए रखा गया है। इनमें से 60 फीसद ही कुल किराये का कुछ हिस्सा जमा कराए पाए हैं। जो लोग पैसे को लेकर सर्वाधिक असमर्थता जता रहे हैं, उनके लिए अधिकारी आग्रह कर रहे हैं कि इनका भोजन का खर्च माफ कर दिया जाए या कुल किराये में डिस्काउंट दे दिया जाए। 

डिप्रेशन में आई महिला, काउंसिलिंग की

राजा रोड स्थित एक पेड क्वारंटाइन में रह रही महिला गुरुवार को डिप्रेशन में आ गई। बताया जा रहा है कि वह पहले से भी डिप्रेशन की दवाएं लेती हैं। मगर, क्वारंटाइन में एकांत का समय अधिक होने के चलते उसकी मानसिक स्थिति अधिक बिगड़ गई। इसकी सूचना होटल संचालक ने प्रशासन को दी, जिसके बाद महिला की काउंसिलिंग की गई।

प्याज के सलाद के वसूले 150 रुपये

पेड क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए लोगों के लिए 150 रुपये प्रति डायट की व्यवस्था में सीमित विकल्प हैं। जो लोग अच्छे होटल में रहकर प्रतिदिन 2000 रुपये अदा कर रहे हैं, वह सामान्य भोजन से अधिक की मांग भी कर रहे हैं। ऐसे में उनसे बेहद अधिक दाम वसूल किए जा रहे हैं।

क्वारंटाइन सेंटरों में सैंपलिंग का इंतजार

वैसे तो क्वारंटाइन सेंटरों में रखे गए लोगों के सैंपल लेने की रफ्तार धीमी है, मगर पेड क्वारंटाइन सेंटरों में अभी तक इसकी शुरुआत भी नहीं हुई है। दून में पेड क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था को लागू होने के बाद शुक्रवार को पांचवां दिन बीत जाएगा। ऐसे में यहां रह रहे लोगों के साथ ही होटल संचालकों की चिंता भी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि चार दिन बाद भी उनके सैंपल न लिए जाने से उनकी बेचैनी बढ़ रही है। 

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दूसरी तरफ होटल संचालक कह रहे हैं कि सात के बाद जब लोग चले जाएंगे और अंतिम दिन सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट तब आएगी, जब नए लोग पेड क्वारंटाइन होने लगेंगे। ऐसे में यदि कोई कोरोना पॉजिटिव आता है तो परेशानी बढ़ सकती है। इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि सैंपलिंग को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं। फिर भी प्रयास किए जा रहे हैं कि सैंपलिंग की रफ्तार बढ़ाई जाए।

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Posted By: Sunil Negi

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