ऋषिकेश, जेएनएन। त्रिवेणी घाट से पशुलोक बैराज तक करीब चार किमी लंबे अस्था पथ शुरू से ही अतिक्रमणकारियों के निशाने पर रहा है। एनजीटी के आदेशों को ताक पर रख रसूखदारों ने जहां आस्था पथ पर कई जगह गेट निकाल दिए, वहीं 200 मीटर के दायरे में निर्माण कर लिए गए। सिंचाई विभाग कार्यालय के सामने तो आस्था पथ का रास्ता ही मोड़ दिया गया। अब स्थिति यह है कि चार दिन बीतने के बाद भी गंगा के भीतर हुआ अतिक्रमण नहीं हट पाया है।

गंगा तट पर बना आस्था पथ नगर निगम को हस्तांतरित हो चुका है। गंगा की दिशा वाला क्षेत्र सिंचाई विभाग की निगरानी में है। यानी गंगा सुरक्षा समिति के ध्येय को साकार करने में दोनों ही विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन, गंगा के भीतर अतिक्रमण के मामले में दोनों ही रसूखदारों के आगे नतमस्तक नजर आ रहे हैं। गंगा के भीतर लोहे का प्लेटफार्म बनाने के मामले में जिलाधिकारी तीन जनवरी को सख्त हिदायत दे चुके हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं।

योगा रिट्रीट के सामने गंगा में हुए अतिक्रमण को लेकर दोनों की भूमिका चेतावनी देने तक सीमित है। नगर निगम ने जरूर रविवार को वहां से निर्माण सामग्री हटवाने के साथ सोमवार शाम पांच बजे तक अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी थी। लेकिन, स्थिति जस की तस है। जबकि नगर निगम के चार सफाई निरीक्षक टीम सहित मौके पर भी गए थे। सोमवार को सिंचाई विभाग के अवर अभियंता कुलदीप वानिया ने अतिक्रमण वाले क्षेत्र का जायजा लिया। सहायक अभियंता अनुभव नौटियाल ने बताया कि मंगलवार को नगर निगम योगा रिट्रीट को नोटिस जारी करेगा। फिर भी अतिक्रमण न हटा तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। 

नरेंद्र सिंह क्वीरियाल (मुख्य नगर आयुक्त, ऋषिकेश) का कहना है कि अतिक्रमण कर बनाए गए प्लेटफॉर्म के लोहे के पिलर सामान्य कटर से नहीं कट रहे। संबंधित संस्था को बुधवार दिन तक इसे स्वयं हटाने के लिए कहा गया है। उसके बाद निगम प्रशासन सीधी कार्रवाई करेगा।

लोग करेंगे सीधी कार्रवाई

आठ जनवरी तक यदि सिंचाई विभाग और नगर निगम ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो लोग स्वयं उसे हटा देंगे। एआइसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद वह स्वयं अतिक्रमण हटा देंगे।

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निगम कर्मी घायल

गंगा के भीतर प्लेटफॉर्म की स्थिति का जायजा लेने गया सफाई कर्मी राजेंद्र वाल्मीकि गिरकर चोटिल हो गया। उसका नजदीकी चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार कराया गया। अतिक्रमण देखकर स्थानीय नागरिकों ने इस प्लेटफार्म को गिराने का प्रयास किया, मगर भारी-भरकम ढांचा हिला ही नहीं।

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Posted By: Sunil Negi

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