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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकल आए लोग; टिहरी जिले में था केंद्र

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Tue, 25 Aug 2020 07:26 PM (IST)Updated: Tue, 25 Aug 2020 09:49 PM (IST)

Earthquake उत्तरकाशी जिले में मंगलवार की शाम को भूकंप के झटके महसूस किए हुए। इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई है। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए।

Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकल आए लोग; टिहरी जिले में था केंद्र
Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकल आए लोग; टिहरी जिले में था केंद्र

देहरादून, जेएनएन। Earthquake उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार की शाम को 6 बजकर 18 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए हुए। इसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.4 मापी गई है। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि जिले में नुकसान की कोई सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र टिहरी जिले में था। 

भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड अति संवेदनशील रहा है। इसी साल 21 अप्रैल को चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसका केंद्र चमोली जिला रहा। भूकंप की तीव्रता 3.3 और गहराई पांच किमी मापी गई है। इसका केंद्र चमोली बताया गया। चमोली जिला भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। इससे पहले भी यहां कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।  

वहीं, इससे पहले 13 अप्रैल को बागेश्वर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 मैग्नाट्यूट आंकी गई। बता दें कि प्रदेश का बागेश्वर जिला जोन फाइव में आता है और भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। भूकंप का केंद्र बागेश्वर ही बताया गया। इसकी गहराई पांच किमी दूर मापी गई थी। 

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भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछले चार सालों में मेन सेंट्रल थ्रस्ट पर 71 से ज्यादा बार भूकंप के झटके आ चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह क्षेत्र कितना सक्रिय है। उनका कहना है कि छोटे-छोटे भूकंप के झटके बड़े झटकों की संभावनाओं को रोक देते है। मेन सेंट्रल थ्रस्ट के रूप में जाने जानी वाली दरार 2500 किमी लंबी और कई भागों में विभाजित है। इंडियन और एशियन प्लेट के बीच दबाव टकराने और घर्षण से भूकंप की घटना होती है।

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