ऋषिकेश में विदेशी महिला को मिला अपनेपन का एहसास, नीदरलैंड की फिल्ममेकर ने बताया निकल आए थे आंसू
नीदरलैंड की फिल्ममेकर ईशा ब्रांडरहोस्ट ने ऋषिकेश की तारीफ करते हुए एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि ...और पढ़ें
HighLights
नीदरलैंड की फिल्ममेकर ईशा ब्रांडरहोस्ट ने ऋषिकेश की तारीफ की।
उन्होंने ऋषिकेश में पहली बार सच्चे अपनेपन का अनुभव किया।
ईशा पहले भी डेढ़ साल तक ऋषिकेश में रह चुकी हैं।
डिजिटल डेस्क, देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड का ऋषिकेश शहर पर्यटकों का पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस है। इसकी खूबसूरती के चर्चे अक्सर होते रहते हैं। अब एक विदेशी महिला ने भी इसकी तारीफ करते हुए और खुद में ऋषिकेश में रहकर बदलाव होने की बात कहते हुए अपना एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा किया है।
इंस्टाग्राम पर साझा यह वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नीदरलैंड निवासी 27 वर्षीय यह फिल्ममेकर और स्टोरी टेलर हैं। उनका नाम ईशा ब्रांडरहोस्ट है। इसी नाम से ये अपना इंस्ट्राग्राम अकाउंट चलाती हैं।
अपने वीडियो में महिला ने कहा है कि भारत विशेषकर उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश ने उनकी जिंदगी को किस तरह बदल दिया है। उन्होंने वीडियो में कहा है कि ऋषिकेश के पुल पर चलते समय वे रो पड़ीं, क्योंकि पहली बार उन्हें कहीं अपनापन और बिलॉन्गिंग (अपनेपन का असहसास) महसूस हुआ।
इंटरनेट मीडिया पर शेयर वीडियो में यह भी कहा
@isha.branderhorst नाम के हैंडल से शेयर किए गए वीडियो में डच महिला ने यह भी कहा है कि भारत यात्रा के दौरान ऋषिकेश में बिताए समय को लेकर एक दिल को छू लेने वाला वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह बताती हैं कि दुनिया में कहीं भी उन्हें कभी सच्चे अपनेपन का अहसास नहीं हुआ।
उन्होंने कहा है कि जब वह ऋषिकेश के पुल पर चलीं तभी असली अपनेपन का अहसास हुआ। मैं रोने लगी। उन्होंने आगे बताया है कि लंबे समय से वे रो नहीं पा रही थीं, क्योंकि उनके चारों और एक कठोर परत बनी हुई थी।
वे खुद को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं। लेकिन, उस दिन पुल पर चलते हुए आंसू अपने आप निकल आए। उस समय मैं सिर्फ चल रही थी और रोने लगी। मुझे लगा कि शायद पहली बार मैं वास्तव में कहीं अपने को महसूस कर रही हूं।
पहले भी ऋषिकेश में रह चुकी हैं ईशा
वीडियो के मुताबिक वह ऋषिकेश में पहले भी लंबे समय तक रही हैं। यूट्यूब चैनल पर भी उनका एक वीडियो है जिसमें वे बताती हैं कि वे भारत आने से पहले डरी हुई थीं, लेकिन, ऋषिकेश ने उनकी जिंदगी बदल दी और वे बताती हैं कि वे वहां डेढ़ साल तक रहीं।
अकेले महिला यात्री के रूप में उन्होंने योग आश्रम में समय बिताया, आत्मिक परिवर्तन का अनुभव किया और अब वे आध्यात्मिक यात्रा, व्यक्तिगत विकास और सचेत यात्रा पर फिल्में बनाती हैं। ईशा के वीडियो के बाद यूजर्स ने भी उस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
