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उत्तराखंड में भारी बारिश से ऋषिकेश में गंगा चेतावनी रेखा के पार, घाट खाली कराए गए

Published: Sun, 27 Sep 2026 04:57 PM (IST)

पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण ऋषिकेश में गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा को पार कर गया है, ...और पढ़ें

HighLights

  1. ऋषिकेश में गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा को पार कर गया

  2. पर्वतीय वर्षा से ऋषिकेश, रामझूला, तपोवन के घाट जलमग्न हुए

  3. पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर सभी संभावित घाटों को खाली कराया

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। पिछले दो दिनों से पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही वर्षा के चलते ऋषिकेश में गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा को पार कर गया। ऋषिकेश, रामझूला, तपोवन व स्वर्गाश्रम में गंगा आरती घाट जलमग्न हो गए।

स्वर्गाश्रम में शिव मूर्ति को गंगा ने स्पर्श किया। संभावित खतरे को भांपते हुए ऋषिकेश, मुनिकीरेती व लक्ष्मणझूला पुलिस दिनभर घाटों पर मुस्तैद रही। सुरक्षा के मद्देनजर संभावित घाटों को खाली कराया गया।

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घाटों को खाली कराया

रविवार सुबह से ही गंगा का जल स्तर अचानक बढ़ने लगा था। सुबह 12 बजे तक गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा को पार करने लगा था। शाम चार बजे जल स्तर 339.85 मीटर (समुद्र तल से) दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान से महज .65 मीटर कम था।

सुबह से ही ऋषिकेश, मुनिकीरेती व लक्ष्मणझूला क्षेत्र में जल पुलिस और एसडीआरएफ के जवान तैनात रहे। ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट समेत सभी घाटों में जल पुलिस की टीमें मुनादी कर श्रद्धालुओं को गंगा के खतरे को लेकर चेताती रही। श्रद्धालुओं को खतरा संभावित क्षेत्र से दूर किया गया।

कोतवाली ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि गंगा का जल स्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालु व क्षेत्रवासियों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस के जवानों की कई टीमों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गंगा का जल स्तर बढ़ने पर गंगा के समीप जाने से बचें। बता दें कि गंगा के जल स्तर की चेतावनी रेखा 339.50 मी. व खतरे का निशान 340.50 मी. है।