IIT Delhi में ऋषिकेश की मौत की जांच रिपोर्ट फिर टली, तारीख बढ़ने से छात्र नाराज; अब 10 अक्टूबर तक बढ़ी तारीख
IIT Delhi में एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत की जांच रिपोर्ट बार-बार टलने से छात्रों में आक्रोश ...और पढ़ें

आईआईटी दिल्ली में एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट की तारीख बार-बार आगे बढ़ाए जाने से छात्रों में आक्रोश।
HighLights
ऋषिकेश कुमार की मौत की जांच रिपोर्ट फिर टली।
छात्रों में लगातार तारीख बढ़ने से भारी आक्रोश।
दोषियों पर कार्रवाई और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली में एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट की तारीख बार-बार आगे बढ़ाए जाने से छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है। छात्रों का कहना है कि जांच के नाम पर लगातार तारीख बढ़ाई जा रही है, लेकिन अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे संस्थान की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
समिति में आईआईटी दिल्ली के रजिस्ट्रार भी शामिल
ऋषिकेश कुमार की 22 अगस्त 2026 को कैंपस में मौत हुई थी। घटना के बाद छात्रों के विरोध के बीच आईआईटी दिल्ली ने मामले की जांच के लिए बाहरी समिति गठित की थी। शुरुआत में समिति की अध्यक्षता पूर्व उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार को सौंपी गई थी।
बाद में उनके स्थान पर सेवानिवृत्त दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता को समिति का अध्यक्ष बनाया गया। समिति में एम्स के मनोचिकित्सा विभाग के प्रो. प्रताप शरण, छात्र प्रतिनिधि और आईआईटी दिल्ली के रजिस्ट्रार भी शामिल हैं।
तारीख बार-बार बढ़ाना उचित नहीं
चौथे वर्ष के शोध छात्र विजय प्रभाकर ने कहा कि समिति को पहले 10 सितंबर तक रिपोर्ट साझा करने की बात कही गई थी। इसके बाद समयसीमा बढ़ाकर 26 सितंबर कर दी गई। अब रिपोर्ट 10 अक्टूबर को साझा किए जाने की बात कही जा रही है।
लगातार तीसरी बार तारीख बढ़ने से छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मामले की जांच को पर्याप्त समय दिया जा चुका है। ऐसे में रिपोर्ट साझा करने की तारीख बार-बार बढ़ाना उचित नहीं है।
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
छात्रों का आरोप है कि देरी से ऋषिकेश के परिवार को भी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऋषिकेश की मां के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ रहा है।
छात्रों ने आईआईटी दिल्ली प्रशासन से मांग की है कि जांच रिपोर्ट को अब बिना किसी और देरी के सार्वजनिक किया जाए। साथ ही रिपोर्ट में दोषियों पर संबंधित प्रोफेसरों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
