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दून अस्पताल में दवाओं का कंप्यूटरीकृत प्रबंधन, एक्सपायरी से पहले मिलेगा अलर्ट

Published: Fri, 02 Oct 2026 10:59 PM (IST)

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब दवाओं के स्टॉक का प्रबंधन कंप्यूटरीकृत किया जाएगा, जिससे हर दवा का ऑनलाइन ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल में अब दवाओं के स्टाक की जानकारी रजिस्टर और अनुमान के भरोसे नहीं रहेगी। अस्पताल की मेडिसिन फार्मेसी को कंप्यूटरीकृत करने की तैयारी शुरू हो रही है।

नई व्यवस्था में किस दवा की कितनी मात्रा उपलब्ध है, किस विभाग को कितनी जरूरत है और कौन सी दवा एक्सपायर होने वाली है, इसकी जानकारी हर समय आनलाइन उपलब्ध रहेगी। स्टाक खत्म होने से पहले ही अलर्ट मिलने से समय पर दवा का आर्डर और आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा. आशुतोष सयाना के निर्देश पर अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। निदेशक के निरीक्षण में दवाओं के प्रबंधन से जुड़ी कुछ कमियां सामने आई थीं।

वर्तमान व्यवस्था में कई बार दवाओं का पूरा रिकार्ड व्यवस्थित रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण यह पता लगाने में परेशानी होती है कि किस दवा की कितनी मात्रा बची है और किस विभाग में उसकी कितनी जरूरत है।

नई व्यवस्था में मेडिसिन फार्मेसी में उपलब्ध प्रत्येक दवा का स्टाक दर्ज रहेगा। अधिकारी एक नजर में देख सकेंगे कि कौन सी दवा पर्याप्त मात्रा में है और किन दवाओं का आर्डर किया जाना है। किसी दवा की एक्सपायरी नजदीक होने पर भी पहले से जानकारी मिल जाएगी। इससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी और दवाओं के एक्सपायर होने की स्थिति को भी कम किया जा सकेगा।

हर दिन 2500 की ओपीडी

अस्पताल में प्रतिदिन करीब 2500 मरीजों की ओपीडी रहती है। इसके अलावा इमरजेंसी और वार्डों में भी बड़ी संख्या में मरीज भर्ती रहते हैं। ऐसे में दवाओं की उपलब्धता और सही प्रबंधन जरूरी है। कंप्यूटरीकृत प्रणाली से विभागों की मांग और फार्मेसी में उपलब्ध स्टाक के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी।

कंप्यूटरीकृत व्यवस्था लागू होने के बाद दवाओं के स्टाक की स्थिति स्पष्ट रहेगी। कौन सी दवा कितनी बची है, किस दवा का आर्डर करना है और कौन सी दवा एक्सपायर होने वाली है, इसकी जानकारी समय रहते मिल सकेगी। इससे दवा खत्म होने से पहले ही आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी और विभागों को भी उपलब्ध दवाओं की जानकारी आसानी से मिल जाएगी। इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।

डा. आशुतोष सयाना, चिकित्सा शिक्षा निदेशक

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