दून मेडिकल कॉलेज रैगिंग: आरोपित पीजी डॉक्टरों से पूछताछ, निदेशालय ने मांगा जवाब
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में पीजी डॉक्टरों पर रैगिंग के आरोपों की जांच एंटी रैगिंग कमेटी ने शुरू कर दी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कालेज में पीजी डाक्टर की रैगिंग के आरोपों ने कालेज प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मामले की जांच के लिए गठित एंटी रैगिंग कमेटी ने शनिवार को आरोपित पीजी डाक्टरों से पूछताछ की। इसके साथ ही पीड़ित जूनियर डाक्टर के बयान भी दर्ज किए गए।
कमेटी की ओर से सोमवार तक जांच रिपोर्ट कालेज की प्राचार्य डा. गीता जैन को सौंपे जाने की संभावना है। वहीं, इस मामले में निदेशालय ने भी नाराजगी जताई है। कालेज प्रशासन से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।
मामला 19 अगस्त का है। एनाटामी विभाग के प्रथम वर्ष के पीजी डाक्टर के सीनियर के गिलास से पानी पीने के बाद विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि इसके बाद सीनियर डाक्टरों ने उन्हें लगातार ताने मारकर प्रताड़ित किया। जिसमें एक महिला डाक्टर भी शामिल है।
पीड़ित का कहना है कि वह करीब छह माह से इस तरह के व्यवहार का सामना कर रहे हैं, जिससे वह मानसिक तनाव में हैं और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने एमबीबीएस छात्रों की कक्षाएं लेने में भी असहजता महसूस होने की बात कही है। पीड़ित ने विभागाध्यक्ष से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) में शिकायत की। इसमें रैगिंग के साथ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। एनएमसी में शिकायत के बाद कालेज प्रबंधन ने प्रकरण एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दिया।
वहीं, इस मामले में कालेज प्राचार्या डा. गीता जैन ने बताया कि एंटी रैगिंग कमेटी ने पीजी डाक्टरों से पूछताछ की है। कमेटी को सोमवार तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।इस तरह की घटना न हो इसपर भी विशेष जोर रहेगा।
निदेशालय ने मामले के सभी पहलुओं को शामिल कर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
प्रकरण को लेकर चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा. आशुतोष सयाना ने कालेज प्रबंधन से जवाब तलब किया है। निदेशालय ने मामले के सभी पहलुओं को शामिल करते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही रैगिंग की रोकथाम के लिए कालेज में गठित प्रशासनिक ढांचे और की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी देने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशक डा. आशुतोष सयाना ने कहा कि इस तरह का प्रकरण गंभीर है। उन्होंने कालेज में बेहतर व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं।
