भाजपा की राजनीति में लंबी पारी, अब राज्यसभा की बारी... कुछ ऐसा रहा दिनेश आर्य का राजनीतिक सफर
नैनीताल से भाजपा के सक्रिय नेता दिनेश आर्य को उत्तराखंड से राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया गया है।

दिनेश आर्य।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, देहरादून। भाजपा की प्रदेश राजनीति में लंबे समय से सक्रिय दिनेश आर्य के राजनीतिक सफर का अगला पड़ाव अब राज्यसभा हो सकता है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तराखंड से राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए उन्हें प्रत्याशी घोषित किया है। नैनीताल क्षेत्र की राजनीति से पहचान बनाने वाले आर्य पिछले वर्षों में संगठन के साथ-साथ सरकार में मिले दायित्व के जरिये भी सक्रिय रहे हैं।
नैनीताल की राजनीति से बनाई पहचान
दिनेश आर्य की राजनीतिक सक्रियता का प्रमुख केंद्र नैनीताल रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने नैनीताल सीट से भाजपा टिकट के लिए दावेदारी की थी। उस समय पार्टी के भीतर टिकट को लेकर उनकी सक्रियता सामने आई थी। चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद भी संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही।
आर्य की राजनीतिक सक्रियता केवल चुनावी दावेदारी तक सीमित नहीं रही। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में भी उन्हें स्थान मिला। 2020 में जारी प्रदेश भाजपा की विस्तारित कार्यकारिणी में उनका नाम विशेष आमंत्रित सदस्यों में शामिल था।
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धामी सरकार में मिला दायित्व
- भाजपा संगठन में सक्रियता के बाद दिसंबर 2023 में आर्य को धामी सरकार में उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया। उन्हें दर्जा राज्यमंत्री का दर्जा भी मिला।
- इसके बाद पेयजल योजनाओं की निगरानी उनकी सार्वजनिक गतिविधियों का प्रमुख हिस्सा बनी। जल जीवन मिशन, नमामि गंगे और अमृत योजना समेत विभिन्न पेयजल योजनाओं की समीक्षा बैठकों में उन्होंने अधिकारियों को समयबद्धता और गुणवत्ता के निर्देश दिए।
- 2025 में भी वह पेयजल योजनाओं की समीक्षा में सक्रिय रहे। हल्द्वानी में उन्होंने गर्मियों के दौरान पेयजल की शुद्धता, जल जीवन मिशन से छूटे परिवारों को कनेक्शन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर दिया।
नैनीताल से जुड़ाव बरकरार
सरकारी दायित्व मिलने के बाद भी आर्य की राजनीतिक सक्रियता का केंद्र नैनीताल और कुमाऊं बना रहा। मई 2025 में लालकुआं विधानसभा क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को लेकर उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा की और विभिन्न योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।
अगस्त 2026 में नैनीताल में मेट्रोपोल पार्किंग परियोजना का निरीक्षण करते हुए भी वह स्थानीय विकास के मुद्दों पर सक्रिय नजर आए। इसी दौरान उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं के सक्रिय होने की बात कही थी।
अब राज्यसभा की बारी
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जब संभावित नामों पर मंथन किया तो कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में रहे। केंद्रीय नेतृत्व ने अंततः दिनेश आर्य के नाम पर मुहर लगाई। चार अक्टूबर को उम्मीदवार की घोषणा के साथ उनकी राजनीतिक यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
नैनीताल की विधानसभा राजनीति में टिकट के दावेदार से लेकर धामी सरकार में दर्जाधारी और अब राज्यसभा प्रत्याशी तकदिनेश आर्य के राजनीतिक सफर में संगठन, सरकार और क्षेत्रीय सक्रियता के तीन पड़ाव स्पष्ट दिखाई देते हैं।
