किंग कोबरा और नाग में क्या है अंतर... कैसे हो इनकी पहचान? वन विभाग के टोल फ्री नंबर पर करें कॉल
उत्तराखंड का नैनीताल जिला किंग कोबरा का पसंदीदा ठिकाना बन गया है। सांप का घोंसला दिखने पर तुरंत वन विभाग ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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ऑनलाइन डेस्क, उत्तराखंड। उत्तराखंड का नैनीताल जिला सैलानियों के साथ ही सबसे जहरीले माने जाने वाले किंग कोबरा (ओफियोफेगस हन्ना) की भी पसंदीदा जगह बनकर उभरा है। 2015 से 2020 के बीच प्रदेश के नैनीताल वन प्रभाग में सर्वाधिक 83 बार, देहरादून में 32, पौड़ी में 12, उत्तरकाशी में तीन व हरिद्वार में दो बार यह रिपोर्ट किया गया था।
उत्तराखंड में पाए जाने वाला किंग कोबरा 10 से 12 फीट लंबा पाया गया है। किग कोबरा (ओफियोफेगस हन्ना) और आम नागों (नाजा नाजा) में सबसे बड़ा अंतर उनकी प्रजाति, आकार और खानपान का होता है। आइए जानते हैं किग कोबरा और आम नागों में क्या अंतर है।
किंग कोबरा और आम नाग में अंतर
- किंग कोबरा ‘ओफियोफेगस’ वंश से है। आम नाग ‘नाजा’ वंश से है।
- किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा जहरीला सांप है। यह मुख्य रूप से अन्य सांपों को खाता है। वहीं, आम नाग छोटा चूहे व मेंढक खाता है।
- किंग कोबरा 10 से 18 फीट तक लंबा हो सकता है। आम नाग आमतौर पर 5 से 7 फीट लंबा हो सकता है।
- किंग कोबरा का फन लंबा और संकरा होता है। इस पर पीली या सफेद धारियां होती हैं। आम नाग के फन के पीछे चश्मे या अंग्रेजी के वी जैसा निशान होता है।
- किंग कोबरा दुनिया का ऐसा अकेला सांप है जो अपने अंडों के लिए घोंसला तैयार करता है। जबकि आम नाग जमीन पर अंडे देकर उनकी रखवाली करता है।
किंग कोबरा का घोसला मिले तो क्या करें?
अगर आपको कहीं किंग कोबरा घोंसला मिले तो उसे बिल्कुल न छेड़ें और सुरक्षित दूरी बनाएं रखें। मादा किंग कोबरा अपने अंडों के प्रति बेहद आक्रामक होती है। वह हमला कर सकती है। सांप का घोंसला दिखने पर तुरंत वन विभाग व सर्पमित्र को सूचना दें।
वन विभाग का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर
18001804075
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