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मुख्यमंत्री धामी ने कहा भारत-नेपाल का रोटी-बेटी का रिश्ता, गोरखा समाज का बलिदान अतुलनीय

Published: Sun, 01 Nov 2026 11:38 PM (IST)

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव के समापन पर भारत-नेपाल के 'रोटी-बेटी' के अटूट रिश्ते पर ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, देहरदादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच हमेशा से रोटी- बेटी का अटूट रिश्ता रहा है। गोरखा समाज ने देश के लिए अनेक बलिदान दिए गए हैं। गोरखा समाज ने समय-समय पर भारत को गौरवान्वित किया है। गोरखा समाज का भारत से सदियों पुराना संबंध है।

रविवार को महिंद्रा ग्राउंड में गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव के समापन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नेपाल और भारत का सदियों से अटूट सांस्कृतिक संबंध रहा है। बीते दिनों नेपाल में भयंकर हालात बने तो नरेन्द्र मोदी सरकार ने आगे बढ़कर पड़ोसी के नाते अपने कर्तव्य को निभाया।

भारत हरसंभव मदद के लिए नेपाल के साथ खड़ा है। धामी ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए भाजपा सरकार निरंतर जुटी हुई है। नेपाली समाज के साथ सभी त्योहारों का संगम, सौभाग्य की बात है I देश पर संकट के समय गोरखा समाज का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता।

भारत-नेपाल एकता के सूत्र में बंधे हैं और एक-दूसरे के प्रति समर्पित हैं । कहा उत्तराखंड में यूसीसी, नकल विरोधी कानून, युवाओं के लिए सरकारी नौकरी, भू-कानून, महिला सुरक्षा आदि अन्य क्षेत्रों में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। ताकि राज्य का विकास तेज गति से हो सके।

इससे पहले कलाकारों ने मुख्यमंत्री के सामने जय महाकाली, आ गयो गोरखाली आदि गति पर सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुति पेश की। गोरखाली व नेपाली नृत्यों की प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण उत्साह व उमंग से झूम उठा। नेपाली समूह नृत्य, गुजराती, पंजाबी, नेवारी, कुकुरी और मयूर नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नेपाली कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं की प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्साह और उमंग का वातावरण बनाया। वीर गाेरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने कहा कि गोरखा समाज सदैव भारत और उसकी माटी के लिए बलिदान देते आया है।

भारत-नेपाल की साझा संस्कृति और परंपराएं विश्वभर में याद की जाती है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज व कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने भी विचार व्यक्त किए।

इस दौरान धीरेंद्र पंवार, नेपाल दूतावास के कार्यवाहक राजदूत डा. सुरेंद्र थापा, डीएस मान, पार्षद सुमेंद्र बोहरा, ब्रिगेडियर राम सिंह थापा, गढ़ी कैंट के सीईओ अनंत आकाश, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, अभिषेक शाही, असम गोरखा विकास परिषद के अध्यक्ष प्रेम तमांग, मेग बहादुर थापा, सारिका प्रधान, मेजर बीपी थापा, मेजर अमर राई , सूर्य बिक्रम शाही, देविन शाही आदि मौजूद रहे।

सह-सचिव आशु थापा, सांस्कृतिक सचिव देव कला दिवान, सह-सांस्कृतिक सचिव करमिता थापा, संगठन मंत्री लोकेश बन, सोनु गुरूंग, सदस्यों में पूरन बहादुर थापा, यामु राना, शाहिल राणा, सोना शाही, ज्योति राना, बबिता गुरुंग,एनबी थापा, बुद्धेश राई, मीन गुरुंग मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन संयुक्त रूप से देवेंद्र शाही, संकल्प पंत तथा श्याम राणा मगर ने किया।

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