दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: वायाडक्ट के नीचे से खिसकी मिट्टी, दो जगह बैठी सड़क... आई दरार
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मां डाट काली मंदिर के वायाडक्ट के नीचे से मिट्टी खिसकने के कारण सड़क दो जगह बैठ गई और दरार आ गई।

एलिवेटेड रोड पर बने वायाडक्ट में मिट्टी खिसकने से आई दरार।

समय कम है?
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वत्सल गुप्ता, देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मां डाट काली मंदिर जाने के लिए बनाए गए वायाडक्ट के नीचे से मिट्टी खिसक गई।इसके कारण वायाडक्ट की सड़क भी दो जगह से बैठ गई। एक जगह सड़क में दरार भी आई है।
इस खामी समेत अन्य काम के चलते वायाडक्ट को वाहनों के संचालन के लिए फिलहाल बंद भी रखा गया है। वहीं, सड़क में दिक्कत नजर आते ही एनएचएआइ ने आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू करा दिया।
दो स्थानों पर बैठ गई सड़क मुख्य जगह से
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों में खामी के बाद अब एलिवेटेड रोड पर बने वायाडक्ट में भी खामी सामने आई है। एलिवेटेड रोड से मां डाट काली मंदिर जाने के लिए बनाए गए इस खास वायाडक्ट में कुछ दिन पहले ही नीचे से मिट्टी खिसक गई। इसके चलते वायाडक्ट की सड़क मुख्य जगह से दो स्थानों पर बैठ गई।
वायाडक्ट पर टर्न पर ही दोनों जगह से सड़क में दिक्कत आई है। इसके कारण एक जगह दरार भी सड़क पर आ गई। ये देखते ही एनएचएआइ के अधिकारियों ने तुरंत कंक्रीट डालकर मरम्मत का काम शुरू करा दिया।
सड़क बैठने के बाद अभी अधिकारी खास बिटुमिनस कंक्रीट (सड़क की उपरी परत) डालने का काम कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बिटुमिनस कंक्रीट का इस्तेमाल भारी वाहनों सड़कों पर होता है। ये सड़क पर पानी को भी नीचे की परतों तक जाने से रोकता है।
26 करोड़ की लागत से बना था 1.3 किमी लंबा वायाडक्ट
एलिवेटेड रोड पर करीब 1.3 किलोमीटर लंबे इस वायाडक्ट का निर्माण खास मां डाट काली मंदिर जाने के लिए किया गया था।
26 करोड़ से अधिक की लागत से बने इस वायाडक्ट का निर्माण 2026 में ही पूरा हो गया था। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार और भक्तों की सुविधा को देखते हुए ही इसका निर्माण भी हुआ था।
वायाडक्ट की दीवार टूटने से हुई दिक्कत
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि वायाडक्ट पर काम के चलते मशीन से टकराकर कुछ दिन पहले दीवार टूट गई थी। इसके कारण वायाडक्ट के नीचे से मिट्टी कुछ जगह से खिसक गई थी और सड़क में कुछ दिक्कत आई थी। कंक्रीट डालकर मरम्मत का काम कराया जा रहा है।
