देहरादून में पहली बार होगा 'किताब कौतिक' का भव्य आयोजन, उपलब्ध होंगी 75 प्रकाशकों की 80 हजार किताबें
दून में पहली बार 23 से 25 अक्टूबर तक 'किताब कौतिक' का आयोजन होगा, जिसमें 75 प्रकाशकों की लगभग 80 ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, देहरादून। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच नई पीढ़ी में किताब पढ़ने और लिखने की आदत को बढ़ावा देने के लिए दून में पहली बार ‘किताब कौतिक’ का आयोजन होने जा रहा है।
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में 23 से 25 अक्टूबर तक होने वाले तीन दिवसीय आयोजन में 75 प्रकाशकों की करीब 80 हजार पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। साहित्यिक परिचर्चा, लेखक संवाद, काव्य गोष्ठी, करियर काउंसिलिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों के लिए विज्ञान-एआइ कार्नर, कार्यशालाएं और नेचर वाक भी होंगे।
क्रिएटिव उत्तराखंड ग्रुप की पहल पर शुरू हुआ किताब कौतिक अभियान अब उत्तराखंड के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। दिसंबर 2022 में टनकपुर से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 15 आयोजन किए जा चुके हैं।
चंपावत, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, भीमताल, रानीखेत, नई टिहरी और गैरसैंण समेत कई शहरों में हुए आयोजनों का उद्देश्य केवल पुस्तक मेला लगाना नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं को पढ़ने-लिखने के साथ अपनी भाषा, संस्कृति और स्थानीय परिवेश से जोड़ना रहा है।
ग्रुप के सचिव हेम पंत ने बताया कि बच्चों में किताब पढ़ने और लिखने की आदत बनी रहे, यही किताब कौतिक का मूल उद्देश्य है। मोबाइल और इंटरनेट के दौर में बच्चों को किताबों से जोड़ने के साथ अपनी रचनात्मकता व्यक्त करने का मंच भी दिया जा रहा है। इसी सोच से शुरू हुआ अभियान अब प्रदेश में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को बढ़ाने वाली पहल बन रहा है।
किताबों से आगे सीखने का मंच
दून में बच्चों को विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, खगोलशास्त्र और प्रकृति से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाएगी। करियर काउंसिलिंग के जरिए उन्हें भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया जाएगा।
लोकभाषाओं और स्थानीय संस्कृति पर संवाद के साथ हस्तशिल्प, लोकसंगीत, पर्यावरण और रचनात्मक लेखन से जुड़ी गतिविधियां होंगी। अभियान के आयोजनों में ड्रोन तकनीक, त्रिआयामी मुद्रण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों से भी ग्रुप की ओर से बच्चों को परिचित कराया जा रहा है।
