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देहरादून तिहरे हत्याकांड में बड़ा खुलासा, तो क्या लूट के इरादे से प्लंबर ने की तीन हत्याएं?

Published: Sat, 10 Oct 2026 07:41 AM (GMT+05:30)

देहरादून के तिहरे हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है, जिसमें प्लंबर राजकुमार द्वारा 300 रुपये के विवाद के बजाय लूटपाट की मंशा सामने आई है।

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संक्षेप में पढ़ें

वत्सल गुप्ता, देहरादून। तीन हत्याएं, सोने की चेन की लूट और हाथों से कड़े उतारने की कोशिश। रायपुर के विष्णुलोक कालोनी में तिहरे हत्याकांड की जांच में अब ऐसा पहलू सामने आया है, जो वारदात के पीछे की मंशा पर सवाल खड़े करता है। पुलिस की जांच के अनुसार, बुजुर्ग रजनी देवी की हत्या के बाद आरोपित राजकुमार उनके गले से सोने की चेन लूट चुका था।

इसके बाद वह हाथों से सोने के कड़े उतारने लगा, तभी घरेलू सहायिका तिलया उर्फ शीला वहां पहुंच गई। आशंका है कि शीला के पहुंचने से आरोपित की लूटपाट की योजना अधूरी रह गई। इसी कारण उसने शीला को भी मौत के घाट उतार दिया।

मंगलवार को प्लंबिंग का काम करने विष्णुलोक कालोनी पहुंचे राजकुमार ने बुजुर्ग रमेश कपूर व उनकी पत्नी रजनी देवी की पेचकस से वार कर हत्या कर दी थी। इसी दौरान उसने रजनी देवी की चेन लूट ली और उनके हाथों से कड़े उतारने लगा।

 

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चीखने की आवाज सुनकर पास के घर में काम करने वाली शीला वहां पहुंची तो आरोपित ने उस पर भी हमला कर दिया। पेचकस से वार कर उसकी भी हत्या कर दी गई। स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने पर राजकुमार भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। उसके पास से रजनी देवी की सोने की चेन बरामद हुई थी।

300 रुपये का विवाद या घर लूटने की थी तैयारी

पूछताछ में राजकुमार ने 300 रुपये के लेनदेन के विवाद को हत्याकांड की वजह बताया था, लेकिन चेन लूटने और कड़े उतारने की कोशिश ने जांच की दिशा में नया सवाल खड़ा कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, राजकुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह तीन साल पहले लूट और झपटमारी की कई घटनाओं में शामिल था। ऐसे में पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि विवाद के दौरान हत्या के बाद उसने लूटपाट शुरू की या वारदात के पीछे पहले से ही आर्थिक लाभ की मंशा थी। फिलहाल पूरे घर को लूटने की योजना होने की आशंका की जांच की जा रही है।

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दो साल से घर में आना-जाना, दंपती को था भरोसा

राजकुमार करीब दो साल से बुजुर्ग दंपती के घर काम कर रहा था। वारदात से पहले भी वह लगातार 10 दिन तक वहां आया था। लंबे परिचय के कारण दंपती उस पर भरोसा करते थे और उसे घर की गतिविधियों की जानकारी थी। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपित ने इस परिचय और भरोसे का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने में किया या नहीं।

चौथे दिन भी बयान दर्ज, लूट के पहलू पर जांच

हत्याकांड के चौथे दिन पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पड़ोसियों, स्वजन और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए। पुलिस इन बयानों के आधार पर वारदात की कड़ियां जोड़ रही है। रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि लूट के एंगल को भी जांच में शामिल किया गया है और उसी आधार पर आगे की पड़ताल की जा रही है।