तीसरे दिन भी Dehradun में गूंजती रही तिहरे हत्याकांड की क्रूरता, भरोसे का हुआ था कत्ल... पेचकस से 30-34 वार
देहरादून की विष्णुलोक कॉलोनी में हुए तिहरे हत्याकांड की भयावहता तीसरे दिन भी शहरवासियों के जेहन में बनी हुई है।


समय कम है?
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जागरण संवाददाता, देहरादून। रायपुर की विष्णुलोक कालोनी में हुए तिहरे हत्याकांड की भयावहता तीसरे दिन भी दूनवासियों के जेहन से नहीं निकल पाई। घर में काम करने के लिए आने वाले प्लंबर पर भरोसा करने वाले परिवार के साथ जो हुआ, उसने लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है।
गुरुवार को विष्णुलोक कालोनी से लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों तक हत्याकांड की चर्चा होती रही। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात को लेकर थी कि जिस व्यक्ति को घर के काम के लिए बुलाया गया, उसी ने घर में घुसकर तीन लोगों की जान ले ली।
बुधवार को हुआ अंतिम संस्कार
बुजुर्ग दंपती का अंतिम संस्कार बुधवार को हुआ था। इसके अगले दिन गुरुवार को सुबह से शाम तक रिश्तेदार, परिचित और आसपास के लोग उनके घर पहुंचते रहे। शोकाकुल स्वजन को सांत्वना देने वालों का सिलसिला दिनभर जारी रहा। घर में पसरा सन्नाटा और आने-जाने वालों की भीड़ इस वारदात से परिवार पर पड़े गहरे आघात को बयां करती रही।
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तीन लोगों की हत्या से ज्यादा इस घटना ने इसलिए भी लोगों को विचलित किया है क्योंकि आरोपित परिवार के घर से परिचित था और लंबे समय से वहां प्लंबर का काम कर रहा था। भरोसे के इसी रिश्ते के भीतर छिपी हिंसा ने पूरे शहर को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
पोस्टमार्टम ने खोली क्रूरता की परत
हत्याकांड की भयावहता पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए घावों से भी स्पष्ट हुई। तीनों मृतकों के शरीर पर पेचकस से करीब 30 से 34 वार किए गए। जिस तरह लगातार और आक्रामक तरीके से वार किए गए, उससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह तथ्य सामने आने के बाद लोगों में और सिहरन पैदा हो गई है।
