उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के 25 नए केस, आंकड़ा 383 पहुंचा, देहरादून में सर्वाधिक मरीज
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 25 नए मरीज मिलने से कुल संख्या 383 हो गई है, जिनमें से 67 सक्रिय हैं और सर्वाधिक 258 देहरादून में हैं।


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जागरण संवाददाता, देहरादून। प्रदेश में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को 25 नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इसके साथ ही प्रदेश में इस साल सामने आए कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 383 हो गई है। इनमें 67 मरीज अभी उपचाराधीन हैं। अलग-अलग अस्पतालों में इनका इलाज चल रहा है। सबसे ज्यादा 258 मरीज देहरादून जिले में मिले हैं।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने के साथ ही रैपिड रिस्पांस टीमों को सक्रिय किया गया है। किसी क्षेत्र में संक्रमित मरीज मिलने पर टीम मौके पर पहुंचकर उसके संपर्क में आए लोगों की जांच कर रही है।
मरीज की यात्रा का विवरण भी खंगाला जा रहा है, ताकि संक्रमण के स्रोत और संपर्कों का पता लगाया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कई टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रयास है कि संक्रमण बड़े स्तर पर न फैले और स्थिति आउटब्रेक में तब्दील न हो।
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डेंगू के पांच नए मरीज, आंकड़ा 145 पहुंचा
देहरादून जिले में भी डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। बुधवार को पांच नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके साथ ही जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 145 हो गई है। इनमें 17 मरीज अभी सक्रिय हैं और विभिन्न अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। बुधवार को मिले सभी पांच मरीज देहरादून के रहने वाले हैं।
इसके अलावा चिकनगुनिया के भी दो नए मरीज मिले हैं। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें घर-घर जाकर लार्विसाइड का छिड़काव कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मच्छरों के प्रजनन स्थल खत्म करने के साथ ही लोगों को भी आसपास पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में स्क्रीनिंग बढ़ाने के साथ मरीजों की निगरानी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोकथाम के उपायों में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
