बुढ़ापे में अकेलापन होगा दूर, 50 से 80 साल के लोगों को फिर मिलेगा हमसफर
देहरादून में 25 अक्टूबर को वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'जीवनसाथी परिचय सम्मेलन' आयोजित होगा। 50-80 वर्ष के विधवा, विधुर और तलाकशुदा अकेलेपन को दूर कर नया हमसफर तलाश सकेंगे।

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समय कम है?
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जागरण संवाददाता, देहरादून। उम्र के जिस पड़ाव पर अपनों का साथ सबसे ज्यादा जरूरी होता है, वहां जीवनसाथी का बिछड़ना जिंदगी को अकेलेपन में धकेल देता है। क्या उम्र बढ़ने के साथ दोबारा साथ पाने और नई शुरुआत करने की उम्मीद भी खत्म हो जाती है।
इसी सोच को बदलने के लिए देहरादून में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'जीवनसाथी परिचय सम्मेलन' आयोजित किया जा रहा है। यहां 50 से 80 वर्ष तक के विधवा-विधुर और तलाकशुदा अपने लिए हमसफर तलाश सकेंगे और जिंदगी को एक और मौका दे सकेंगे।
अहमदाबाद की अनुबंध फाउंडेशन की ओर से यह सम्मेलन 25 अक्टूबर को गांधी रोड स्थित अग्रवाल भवन में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक आयोजित होगा। फाउंडेशन से जुड़े एके अग्रवाल के अनुसार, संस्था देश के विभिन्न शहरों में अब तक 100 से अधिक परिचय सम्मेलन आयोजित कर चुकी है।
इनके माध्यम से कई वरिष्ठ नागरिकों को जीवनसाथी मिला है। देहरादून में पहली बार हो रहे इस आयोजन का उद्देश्य उम्र के इस पड़ाव पर अकेले रह रहे लोगों को साथी चुनने का अवसर देना है।
मौके पर ही होगा पंजीकरण
सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक लोगों को आनलाइन पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। आयोजन स्थल पर ही पंजीकरण काउंटर बनाया जाएगा। प्रतिभागियों को पासपोर्ट आकार का फोटो और आधार कार्ड की छायाप्रति लानी होगी। जीवनसाथी के निधन की स्थिति में मृत्यु प्रमाणपत्र और तलाकशुदा होने पर संबंधित कानूनी दस्तावेज भी साथ लाने होंगे।
'सत्यमेव जयते' में भी मिली सराहना
वरिष्ठ नागरिकों को दोबारा जीवनसाथी चुनने का अवसर देने की पहल को अभिनेता आमिर खान के कार्यक्रम 'सत्यमेव जयते' में भी सराहना मिली थी। संस्था का मानना है कि जीवनसाथी की तलाश केवल युवावस्था तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उम्र के किसी भी पड़ाव पर भावनात्मक संबल, आपसी समझ और साथ की जरूरत बनी रहती है।
