राजस्थान में बुजुर्ग विवाह परिचय सम्मेलन, 80 की उम्र में तलाश रहे नया जीवनसाथी
अक्षय तृतीया पर भीलवाड़ा में आयोजित बुजुर्ग विवाह परिचय सम्मेलन में देश भर से 105 वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एआई जेनेरेटेड फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, उदयपुर। अक्षय तृतीया के अवसर पर राजस्थान के भीलवाड़ा में आयोजित बुजुर्ग विवाह परिचय सम्मेलन ने समाज के सामने बुजुर्गों के अकेलेपन की मार्मिक तस्वीर पेश की।
सम्मेलन में देशभर से 80 वर्ष तक के 105 बुजुर्ग शामिल हुए, जिन्होंने जीवन के इस पड़ाव पर एक साथी की जरूरत खुलकर जाहिर की। सम्मेलन में शामिल बुजुर्गों ने आपस में बातचीत की, परिचय दिया और सहमति बनने पर फोन नंबर भी साझा किए।
'सुख-दुख बांटने के लिए जीवनसाथी जरूरी'
अहमदाबाद से आई गीता देवी ने बताया कि पति की 28 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बच्चों की जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद अब अकेलापन महसूस होता है, इसलिए जीवनसाथी की तलाश में यहां आई हैं।
वहीं पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर्ड मैनेजर डॉ. दिलबाग राय भाटिया ने कहा कि पत्नी की मृत्यु के बाद वर्षों तक अकेले रहे, लेकिन अब महसूस होता है कि सुख-दुख बांटने के लिए एक साथी जरूरी है।
'चार से पांच करोड़ जोड़ों के विवाह की संभावना'
कार्यक्रम के आयोजक ने बताया कि वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप के बाद यह पहल शुरू की गई थी। आयोजकों के अनुसार, इस सम्मेलन के बाद चार से पांच जोड़ों के विवाह की संभावना है। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि साथी की जरूरत उम्र नहीं, भावना तय करती है और खुश रहने का अधिकार हर उम्र में बराबर है।
