तारीख पर आया, ठेकेदार को लूटने निकला और मुठभेड़ में ढेर हुआ अकरम; 12 साल पहले किया था मर्डर
शामली निवासी कुख्यात अपराधी अकरम देहरादून में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। अकरम पर हत्या, डकैती और लूट के कई ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, देहरादून। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शामली निवासी अकरम के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट जैसी संगीन अपराध के कई मुकदमे दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि किसी केस में उसकी गुरुवार को कोर्ट में डेट थी, इससे पहले ही उसने लूट की घटना को अंजाम दे दिया।
फरार चल रहे दो अन्य बदमाशों के बारे में पुलिस जानकारी ले रही है कि कहीं वह दून में हुई अंकित हत्याकांड व अन्य वारदातों में अकरम के साथ तो नहीं थे। दरअसल सितंबर 2014 में अकरम ने अपने साथियों के साथ मिलकर नकरौंदा निवासी सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के घर डकैती के इरादे से घुसे थे।
बदमाश तड़के ही घर मे घुसे जिसकी भनक सहायक कृषि अधिकारी के बेटे अंकित थपलियाल को लग गई। अंकित ने बहादुरी दिखाते हुए अकरम की बंदूक छीन ली। अंकित जब बदमाशों पर भारी पड़ने लगा तो अकरम ने उसे गोली मार दी।
गुजरात भाग गया था अकरम
डकैती की साजिश हरिद्वार निवासी अखलाक ने रची थी वह डोईवाला में रहकर खनन के धंधे में लिप्त था। इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले गिरोह में शामिल नदीम को गिरफ्तार किया था जोकि मोहितनगर भगवानपुर का रहने वाला है। वर्ष 2017 में पुलिस ने बदमाश अकरम को गिरफ्तार किया था।
अंकित हत्याकांड में वह गुजरात भाग गया था। मौजूदा समय में अकरम जमानत पर चल रहा था लेकिन वारदातों को अंजाम देता रहा। इत्तफाक की यह भी है कि उस समय भी अकरम को इंस्पेक्टर नरेश राठौर ने ही पकड़ा था, जोकि बुधवार रात हुए मुठभेड़ में घायल हुए हैं।
जंगल में खून के निशान से की जा रही बदमाशों की तलाश
देहरादून: प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के बाद फरार हुए दो बदमाशों की तलाश में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। जानकारी के अनुसार, भागने वाले बदमाशों में से एक को गोली छूकर निकली है, जिससे उसके घायल होने और खून बहने की आशंका जताई जा रही है।
मुठभेड़ के बाद देर रात अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भागे दोनों आरोपितों की तलाश में पुलिस ने रातभर सघन कांबिंग अभियान चलाया। जंगल क्षेत्र में खून के निशान मिलने के आधार पर भी बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस टीमें हर संभावित ठिकाने को खंगाल रही हैं। घटना के तुरंत बाद जिले और प्रदेश की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है, ताकि फरार बदमाश किसी भी सूरत में बाहर न निकल सकें। आसपास के थानों और पुलिस इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस के मुताबिक, फरार बदमाश हथियारों से लैस हैं और उनके तौर-तरीके पेशेवर अपराधियों जैसे हैं।
आशंका जताई जा रही है कि ये किसी सक्रिय और संगठित गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जो पहले भी गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस की कई टीमें लगातार जंगल और आसपास के क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दोनों फरार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
