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अब देहरादून में ही मिलेगी नैनीताल जैसी फीलिंग, तालाब के बीच आइलैंड पर पहुंचाएगी पैडल बोट

Published: Sat, 19 Sep 2026 09:16 AM (IST)

देहरादून के मियांवाला में 8.64 करोड़ रुपये की लागत से बने 'जल सृष्टि पार्क' का मुख्यमंत्री धामी ने लोकार्पण किया है।

एमडीडीए की ओर से 8.64 करोड़ से संवारे गए पार्क का मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण.

एमडीडीए की ओर से 8.64 करोड़ से संवारे गए पार्क का मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण.

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जागरण संवाददाता, देहरादून। दून में शाम बिताने या परिवार के साथ सैर करने के लिए अब हर बार मसूरी या शहर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं होगी।

मियांवाला में शहर को अपना नया ‘सैरगाह’ मिल गया है। जिस जोहड़ के आसपास कभी कूड़े के ढेर और झाड़ियां नजर आती थीं, वहां अब तालाब की लहरों के बीच न केवल पैडल बोटिंग होगी बल्कि आइलैंड तक सैर और हरियाली के बीच बैठकर शाम गुजारी जा सकेगी। करीब 8.64 करोड़ रुपये में विकसित जल सृष्टि पार्क का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोकार्पण किया।

इस पार्क की सबसे खास बात इसकी झील और बोटिंग है। तालाब के बीच खूबसूरत आइलैंड बनाया गया है और वहां तक पहुंचने के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा है। यानी बच्चों के लिए रोमांच, परिवारों के लिए साथ समय बिताने का मौका और बुजुर्गों के लिए पानी व हरियाली के बीच सुकून, सब एक ही जगह।

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मुख्यमंत्री ने भी इसे दून में ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ देने वाला स्थान बताया। पार्क में चिल्ड्रन पार्क के साथ एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, पक्षी व जैव विविधता क्षेत्र भी विकसित किया गया है। स्थानीय वनस्पतियों और हरियाली को जगह दी गई है। इससे बच्चों को प्रकृति से जोड़ने और परिवारों को खुले वातावरण में समय बिताने का एक बेहतर अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, महापौर सौरभ थपलियाल और एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी समेत वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

दून में पहली बार शहर के भीतर ‘झील वाली शाम’

दून की भागती जिंदगी में परिवार के साथ कुछ घंटे सुकून से बिताने के विकल्प सीमित रहे हैं। ऐसे में जल सृष्टि पार्क का तालाब और उसके बीच बना आइलैंड इसे सामान्य पार्क से अलग बनाता है। शाम को बोटिंग, पानी के किनारे बैठना और हरियाली के बीच टहलना इसे शहरवासियों के लिए नया आकर्षण बना सकता है।

सुबह की सैर के लिए जागिंग ट्रैक है तो योग के लिए अलग डेक भी है। बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, बैठने के लिए बेंच और गजीबो तथा जलपान गृह जैसी सुविधाएं भी हैं। यानी पार्क सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि एक ही परिसर में सैर, सेहत, मनोरंजन और प्रकृति का अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है।

जिस जोहड़ से लोग दूरी बनाते थे, वहीं अब परिवार जुटेंगे

राजकीय इंटर कालेज मियांवाला के पास स्थित यह जौहड़ लंबे समय तक उपेक्षित रहा। आसपास कूड़ा डाले जाने व झाड़ियों के कारण यहां लोगों का आना-जाना तक मुश्किल था। अब उसी जगह की तस्वीर बदल चुकी है। एमडीडीए ने पुराने जलस्रोत को पाटने के बजाय उसे बचाकर ही पार्क की धुरी बनाया। करीब 8.63 करोड़ रुपये की परियोजना का निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ और मार्च 2026 में पूरा हुआ।

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लोगों का जीवन आसान करने वाला शहर बने: धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े करना नहीं, बल्कि ऐसा शहर बनाना है जहां लोगों का जीवन आसान हो, पर्यावरण सुरक्षित रहे और सार्वजनिक स्थान बेहतर हों। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी बताया। मुख्यमंत्री ने लोगों से पार्क को अपना समझकर स्वच्छ रखने की अपील की। खासकर तालाब और बोटिंग क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखना जरूरी होगा।