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देहरादून में बिल्डर पर जीएसटी छापा, 12.5 करोड़ की कर चोरी का खुलासा

Published: Sat, 03 Oct 2026 07:43 AM (IST)

देहरादून में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने एक बिल्डर फर्म पर छापा मारकर 12.50 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। राज्य कर विभाग देहरादून की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइबी) ने फ्लैट निर्माण और बिक्री से जुड़ी एक बिल्डर फर्म पर छापा मारा। जांच में 12.50 करोड़ रुपये की कर देयता का भुगतान नहीं किए जाने का मामला पकड़ा गया है।

जांच के दौरान फर्म ने कर देयता के भुगतान में हुई अनियमितता स्वीकार की और मौके पर 2.25 करोड़ रुपये नकद कर के रूप में राजकोष में जमा कराए। शेष धनराशि जल्द जमा करने के लिए फर्म के निदेशकों ने समय मांगा है। संबंधित मामले में जांच एवं आगे की कार्रवाई जारी है।

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यह कार्रवाई आयुक्त कर उत्तराखंड प्रतीक जैन के निर्देश पर की गई। संयुक्त आयुक्त अजय सिंह ने टीम गठित कर देहरादून स्थित बिल्डर और फ्लैट निर्माणकर्ता फर्म के व्यापार स्थल व परिसर की जांच कराई।

जांच में सामने आया कि फर्म ने फ्लैट की बिक्री पर देय कर का भुगतान निर्माण के लिए की गई खरीद पर उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के समायोजन से किया था। विभाग के अनुसार इस मामले में जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित कर देयता का भुगतान आइटीसी के माध्यम से अनुमन्य नहीं था और कर का भुगतान नकद रूप में किया जाना अपेक्षित था।

रेरा और एमडीडीए समेत कई विभागों से जुटाए दस्तावेज
जांच को पुख्ता करने के लिए एसआइबी ने फ्लैट निर्माण परियोजना से संबंधित दस्तावेज विभिन्न विभागों से जुटाए। इसमें रेरा, एमडीडीए, जिलाधिकारी देहरादून के खनन अनुभाग समेत अन्य संबंधित विभागों से अभिलेख, प्रपत्र और सूचनाएं संकलित की गईं।

इसके साथ ही जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। संकलित दस्तावेजों और आंकड़ों के आधार पर फर्म द्वारा कर भुगतान में की गई अनियमितताओं को स्पष्ट किया गया।

जांच के दौरान फर्म के निदेशकों, विधिक सलाहकार और अन्य उपस्थित प्रतिनिधियों ने कर देयता के भुगतान के संबंध में अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने निर्धारित कर का भुगतान नकद रूप में करने पर सहमति जताई।

इसके बाद मौके पर 2.25 करोड़ रुपये राजकोष में जमा कराए गए। जांच में कुल 12.50 करोड़ रुपये की कर देयता का भुगतान नहीं किया जाना सामने आया। व्यापार स्थल से फर्म की व्यापारिक गतिविधियों से संबंधित समस्त रिकॉर्ड भी जांच इकाई ने जब्त कर लिए।

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कन्फेक्शनरी फर्म से भी एक करोड़ रुपये जमा
एसआइबी की देहरादून इकाई ने एक कन्फेक्शनरी फर्म के विरुद्ध भी गलत आइटीसी का लाभ लेकर कर का भुगतान किए जाने का मामला पकड़ा। जांच के दौरान संबंधित फर्म ने 01 करोड़ रुपये मौके पर ही जमा कराए।

इस तरह एसआइबी की देहरादून इकाई ने दोनों मामलों में जांच के दौरान कुल 3.25 करोड़ रुपये राजकोष में जमा कराए। जांच दल में डिप्टी कमिश्नर सुरेश कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर कृष्ण कुमार, टीआर चान्याल, अलिशा बिष्ट, कंचन थापा और असद अहमद समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।