सोबन सिंह गुसाईं, देहरादून। Year Ender 2021: राज्य में 2021 में अपराध तो बढ़ा, लेकिन पुलिस ने बड़ी संख्या में अपराधियों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया। पुलिस की इस मुस्तैदी का असर यह हुआ कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गिरोहों ने उत्तराखंड की तरफ झांकना बंद कर दिया। मौजूदा समय में सबसे बड़ी चुनौती बन चुके साइबर ठगों को दबोचने में भी उत्तराखंड पुलिस अग्रणी रही। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार, झारखंड, बंगाल और हरियाणा से कई साइबर ठगों को दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचाया। इसके साथ ही स्मार्ट पुलिसिंग की तरफ कदम बढ़ाते हुए चीता को हाईटेक किया गया। अब चार मैदानी जिलों की पुलिस को हाईटेक करने के लिए सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) की तर्ज पर खास वर्दी, बाडी वार्न कैमरे, शार्ट आम्र्स आदि दिए जाने की तैयारी है। नए साल 2022 में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने उत्तराखंड पुलिस को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कई तरह की योजनाएं तैयार की गई हैं।

राज्य में कोरोना की दस्तक के बाद अप्रैल 2020 से जून 2021 तक पुलिस ने मिशन हौसला चलाया। इसके तहत कोरोना संक्रमितों को घर पर आक्सीजन सिलिंडर, दवाइयां और राशन पहुंचने का काम किया गया। कोरोना का कहर कम होने पर अपराध का ग्राफ बढऩे लगा तो पुलिस के लिए चुनौतियां बढ़ गईं। जेल में बंद कुख्यात बदमाशों ने जेल से ही अपने नेटवर्क को संचालित करना शुरू कर दिया। एसटीएफ ने दो बार अल्मोड़ा और एक बार पौड़ी जेल में ऐसे कुख्यातों पर कार्रवाई की। उनके गुर्गों पर कार्रवाई की। कई जेल अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी गाज गिरी। साइबर ठगी को रोकने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 155260 जारी किया गया। हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने वाले कई व्यक्तियों के खातों में रुपये वापस करवाए गए।

95 इनामी अपराधियों को डाला सलाखों के पीछे

सिरदर्द बने इनामी अपराधियों को सलाखों के पीछे डालने में उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने कोई कसर नहीं छोड़ी। 2021 में एसटीएफ ने 95 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनमें वह अपराधी भी शामिल हैं, जो कई साल से फरार थे। गिरफ्तार अपराधियों में पांच हजार रुपये के 31, 10 हजार रुपये के 46, 20 हजार रुपये के 17 और एक लाख रुपये का एक इनामी शामिल है।

पुलिस का मनोबल बढ़ाने के लिए डीजीपी ने उठाए कई कदम

30 नवंबर 2020 को पुलिस महानिदेशक का पद संभालने के बाद अशोक कुमार ने जहां पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए, वहीं लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की। पुलिसकर्मियों की साप्ताहिक अवकाश की मांग को गंभीरता से लेते हुए इसे लागू किया। जेल में बैरकों की खराब स्थिति को देखते हुए उनके सुधारीकरण की योजना बनाई। पीएसी व आइआरबी जवानों के लिए नई बसों की व्यवस्था करने की घोषणा की है। पुलिस में 2011 से खेल कोटे में बंद पड़ी भर्ती शुरू करवाई। वर्ष 2014-15 के बाद से रुकी कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कराई।

नए साल में पुलिस उठाएगी ये महत्वपूर्ण कदम

  • डायल 112 की तर्ज पर प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस कंट्रोल रूम जून 2022 तक होंगे अपग्रेड।
  • चारों मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर में पुलिस को दिए जाएंगे शार्ट अर्म्स ।
  • देश के टाप-10 थाने में आने पर संबंधित जिले के एसएसपी, एसपी, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी को मेडल प्रदान किया जाएगा।
  • पुलिसकर्मियों के पाठ्यक्रम में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित स्पेशल अधिनियम, साइबर क्राइम, वीआइपी सुरक्षा, यातायात, इंटरनेट मीडिया संबंधित जानकारी को जोड़ा जाएगा। पुलिसकर्मियों को साफ्ट स्किल से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
  • पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए सभी जिला प्रभारी योग व मेडिटेशन कैंप लगाएंगे।

2021 की पुलिस की उपलब्धियां

  • उत्तराखंड सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट रैंकिंग में देश में आठवें और पर्वतीय राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।
  • बाल अपराध के तहत टिप लाइन पर आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करने में देहरादून का साइबर थाना देश में चौथे स्थान पर रहा।
  • साइबर चुनौतियों से लडऩे के लिए उत्तराखंड पुलिस ने पहली बार साइबर हैकाथन प्रतियोगिता कराई। इसमें देश के कोने-कोने से युवा इंजीनियरों ने हिस्सा लिया। इस दौरान इंजीनियरों ने साइबर क्राइम रोकने व ठगों का पता लगाने के लिए साफ्टवेयर तैयार किए।

यातायात सबसे बड़ी चुनौती

  • लंबे समय से राजधानी में यातायात को सुव्यवस्थित करने की चुनौती बनी हुई है। शहर में 11 बाटलनेक हैं, जिनका समाधान नहीं हो पा रहा। इस कारण यहां हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। पुलिस ने इस समस्या को दूर करने के लिए यातायात निदेशालय भी बनाया, लेकिन समस्या जस के तस बनी हुई है।

वर्ष 2020 और 2021 में राज्य में घटित अपराध

  • अपराध, 2021, 2020
  • डकैती, 14, 05
  • लूट, 127, 96
  • वाहन लूट, 12, 10
  • चेन लूट, 26, 09
  • गृहभेदन, 455, 315
  • वाहन चोरी, 888, 511
  • चोरी, 1113, 629
  • हत्या, 182, 139
  • फिरौती के लिए अपहरण, 04, 02
  • हत्या के लिए अपहरण, 04, 01
  • महिला अपहरण, 344, 209
  • अन्य अपहरण, 89, 39
  • दहेज हत्या, 65, 60
  • दुष्कर्म, 688, 517

अशोक कुमार (पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड) का कहना है कि 2022 में उत्तराखंड पुलिस को माडर्न बनाने की योजना है। इसके तहत सिटी पेट्रोल यूनिट, चीता पुलिस और चार जिलों की पुलिस को हाईटेक किया जा रहा है। इसके साथ ही हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने की योजना है, ताकि हादसा होने पर तुरंत पुलिस की टीम मौके पर पहुंच सके। 112 की इमरजेंसी काल पर सभी जिलों को रिस्पांस टाइम कम से कम पर लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस को आधुनिक वाहन दिए जाएंगे।

यह भी पढ़ें:- टिहरी कोषागार में दो करोड़ 21 लाख का गबन, लापता दो कर्मचारियों पर मुकदमा

Edited By: Sunil Negi