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देहरादून में महिला आरक्षण की मांग पर कांग्रेस का विधानसभा कूच, पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक

Published: Tue, 28 Apr 2026 09:53 PM (IST)

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देहरादून में 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर विधानसभा कूच किया। पुलिस ने उन्हें ...और पढ़ें

महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने देहरादून के नेहरू कालोनी  से मार्च  निकाला। इस दौरान रिस्पना पुल पर बैरिकेडिंग लगाकर रोकने से पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई।

महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने देहरादून के नेहरू कालोनी से मार्च निकाला। इस दौरान रिस्पना पुल पर बैरिकेडिंग लगाकर रोकने से पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया। पुलिस ने विधानसभा से ठीक पहले रिस्पना पुल पर बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया।

इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक और झड़प हुई। इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इस बीच एक महिला नेता के बेहोश होने से वहां अफरा-तफरी मच गई।

Congress workers marched to Uttarakhand Assembly

उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में विधानसभा कूच के लिए निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

हिम पैलेस, नेहरू कालोनी से शुरू हुआ मार्च जैसे ही रिस्पना पुल के समीप पहुंचा तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

Congress workers marched

इससे वहां नोकझोंक हो गई और पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश और बढ़ गया। कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने में देरी लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से तुरंत महिला आरक्षण लागू करने की मांग की।

Congress Activists clash with police

वहीं, प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि संसद की ओर से वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के बावजूद अब तक 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू नहीं किया गया है, जो सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करता है।

Congress Activists clash with police in doon

उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना और परिसीमन के नाम पर महिलाओं के अधिकार को टाला जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन में जया कर्नाटक, पुष्पा पंवार, अंशुल त्यागी, आशा रावत, सुशीला शर्मा, अंजू मिश्रा, शशि शाह, अनीता सकलानी, शोभा बडोनी, ललित भद्री, बबलू पंवार, शहीद जमाल, आलोक मेहता, नरेश सकलानी आदि उपस्थित रहे।

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