उत्तराखंड विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर तीखी बहस, सीएम धामी ने विपक्ष को कौरवों की सभा बताया
उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने ...और पढ़ें
HighLights
सीएम धामी ने विपक्ष को 'कौरवों की सभा' कहा
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विधानसभा में बहस
महिला आरक्षण विधेयक में बाधा डालने का आरोप
राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मंगलवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जोरदार राजनीतिक बहस देखने को मिली। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दलों पर तीखे आरोप लगाए और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से “कौरवों की सभा” से जोड़ते हुए तुलना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े विषय पर विपक्षी गठबंधन ने विधेयक के मार्ग में बाधा डालने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रयासों का विरोध किया, जबकि यह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम धामी ने कहा कि सदन में जिस प्रकार कुछ नेताओं की प्रतिक्रिया देखने को मिली, वह उन्हें महाभारत काल की सभा की याद दिलाती है। उन्होंने यह भी कहा कि नारी सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों का आभार जताते हुए राज्य आंदोलनकारियों और मातृशक्ति को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सदैव सर्वोच्च स्थान प्राप्त रहा है और नारी सशक्तिकरण किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि समाज का विषय है।
उन्होंने उत्तराखंड के चिपको आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की मातृशक्ति ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक आंदोलनों में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
महिला आरक्षण और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक लाया गया, जो महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाकर इसका विरोध किया।
इस पर विपक्षी विधायकों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। इसके बाद सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि यह विधेयक लंबे समय से लंबित था और अब इसे आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर आरोप
सीएम धामी ने कहा कि महिला आरक्षण के प्रयासों को पहले भी बाधित किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में परिसीमन से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने और विधेयक का समर्थन करने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “नारी वंदन” के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रही है और यह परिवर्तन देश के लिए आवश्यक है।
