राज्य ब्यूरो, देहरादून। चुनावी साल में युवाओं को सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती में ज्यादा मौके मिलेंगे। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भर्तियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के पक्ष में है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आयोगों व बोर्डों के साथ बैठक की। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। सचिवालय में राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड, प्राविधिक शिक्षा परिषद के साथ बैठक में सहमति बनी कि कोरोना की वजह से स्थगित भर्ती प्रक्रिया को अगले माह जुलाई से प्रारंभ किया जाए।

मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह ने भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए विभागों और भर्ती एजेंसियों के बीच समन्वय करने के निर्देश दिए। विभागों की ओर से रिक्त पदों पर भर्ती के लिए भेजे जाने वाले अधियाचन में खामियां रहने के मुद्दे पर भी विचार हुआ। शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि खामियों का तुरंत निराकरण होना चाहिए। इस संबंध में विभागों के साथ भर्ती आयोगों व बोर्डों को भी तेजी से काम करना होगा। प्रदेश में सरकारी विभागों की ओर से बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर भर्तियां विज्ञापित की हैं। इन्हें आगामी दिसंबर माह तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए कृत संकल्प है। कोरोना की वजह से होने वाली देरी के निपटारे के लिए समुचित बंदोबस्त किए जाने चाहिए।

फारेस्ट गार्ड के पदों पर पदोन्नति को शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल

वन विभाग में फारेस्ट गार्ड के पदों पर पदोन्नति के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से घटाकर हाईस्कूल कर दी है। यह अनुमति सिर्फ एक बार के लिए दी गई है। इस कड़ी में शासन ने शुक्रवार को उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2018 में शैक्षिक योग्यता में शिथिलीकरण के संबंध में आदेश जारी कर दिए। अपर मुख्य सचिव वन आनंद बद्र्धन ने इसकी पुष्टि की। इसके साथ ही विभाग में हाईस्कूल उत्तीर्ण करीब सौ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की फारेस्ट गार्ड के पदों पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है।

वन विभाग के मुखिया प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी ने पिछले माह फारेस्ट गार्ड के पदों पर पदोन्नति के मद्देनजर नियमों में शिथिलीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। अधीनस्थ वन सेवा नियमावली में फारेस्ट गार्ड के लिए न्यूनतम शैक्षिक अर्हता इंटर पास है। इसके चलते चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को फारेस्ट गार्ड के पदों पर पदोन्नति नहीं मिल पा रही थी। अब शासन ने एक बार के लिए नियमों में शिथिलता देते हुए फारेस्ट गार्ड की पदोन्नति को शैक्षिक अर्हता हाईस्कूल अथवा समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण कर दी है।

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Edited By: Raksha Panthri