SIR विरोध पर सीएम धामी का वार, बोले- 'संवैधानिक संस्थाओं को रिमोट कंट्रोल से चलाना चाहते हैं राहुल'
मुख्यमंत्री धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस और राहुल गांधी के विरोध की आलोचना की। ...और पढ़ें


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राज्य ब्यूरो, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने शासनकाल का इतिहास देखे, तब भी मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण होता था। उस समय आपत्ति नहीं जताने वाली कांग्रेस आज इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर दोहरे मापदंड अपना रही है।
एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना
देहरादून में रविवार को एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो सके। भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है।
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ऐसे में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री धामी ने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस एसआईआर के नाम पर भ्रम और अराजकता फैलाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना सही नहीं है।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह देश की संवैधानिक संस्थाओं को अपने रिमोट कंट्रोल से चलाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं होने दिया जाएगा। उनकी पीड़ा यह है कि देश की बागडोर अब किसी एक परिवार के हाथों में नहीं है, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं और विश्वास के अनुरूप देश आगे बढ़ रहा है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि देश विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता की भूख में राष्ट्रहित से समझौता स्वीकार्य नहीं है। देश सर्वोपरि है, राजनीति नहीं।
