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चारधाम यात्रा में जनसैलाब, अंतिम चरण में भी पहुंच रहे रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु... यहां जानिए कब बंद होंगे कपाट?

Published: Thu, 29 Oct 2026 10:06 AM (IST)

चारधाम यात्रा अपने अंतिम चरण में भी श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ देख रही है, अब तक 58.40 लाख से अधिक दर्शनार्थी पहुंच चुके हैं।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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दीपक सेमवाल, ऋषिकेश। चारधाम यात्रा अंतिम चरण में भी इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। अभी यात्रा की समाप्ति में 18 दिन शेष हैं, बावजूद इसके पिछले वर्ष की अपेक्षा दस लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धाम में दर्शन को पहुंच चुके हैं और कपाट बंद होने तक इस आंकड़े के 15 लाख पार करने की उम्मीद है।

पिछले वर्ष पूरे यात्रा काल में 48.32 श्रद्धालुओं ने चारधाम में दर्शन किए थे। इस बार यात्रा बढ़ने के पीछे मौसम के अनुकूल रहने को भी बड़ी वजह माना जा रहा है।

इस बार चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले गए।

30 जून तक यात्रा का पहला चरण

खास बात यह रही कि पहले दिन से ही चारों धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी और यह सिलसिला जून आखिर तक चलता रहा। 30 जून तक यात्रा का पहला चरण माना जाता है। इसके बाद जुलाई-अगस्त में वर्षाकाल के चलते यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और बहुत कम यात्री चारधाम पहुंचते हैं। हालांकि, 15 सितंबर से यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में फिर तेजी आ जाती है।

बीते कुछ वर्षों में मानसून का ट्रेंड बदला है और सितंबर आखिर तक भी वर्षा हो रही है। इस वर्ष सितंबर आखिर में मौसम खराब होने के कारण दो दिन यात्रा स्थगित करनी पड़ी, लेकिन अब मौसम पूरी तरह साफ होने के कारण धामों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और प्रतिदिन 35 हजार के आसपास श्रद्धालु चारों धाम पहुंच रहे हैं।

अब तक 58.40 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं, जो चारधाम यात्रा के इतिहास की सबसे बड़ी संख्या है। जिस हिसाब से अभी भी श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है, उससे अनुमान है कि कपाट बंद होने तक 65 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धाम पहुंच सकते हैं। गंगोत्री के कपाट 10 नवंबर, यमुनोत्री व केदारनाथ के कपाट 11 नवंबर और बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद किए जाने हैं।

वर्षवार चारधाम पहुंचे श्रद्धालु

  • वर्ष, श्रद्धालुओं की संख्या
  • 2026, 58,40,451 (27 अक्टूबर तक)
  • 2025, 48,31,905
  • 2024, 46,17,445
  • 2023, 54,36,172
  • 2022, 44,37,028

(नोट: इसमें हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं।)

प्रचार-प्रसार को मिली गति

यात्रा से जुड़े जानकारों का मानना है कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर सरकार के स्तर से प्रचार-प्रसार बढ़ाया गया है। इसके साथ ही धामों और मुख्य पड़ावों में सरकार ने सुविधाओं को बढ़ाया है। कपाट खुलने से करीब दो माह पहले ही तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री के स्तर से भी समीक्षा बैठक शुरू हो जाती है।

श्राद्ध पक्ष में बदरीनाथ में पितरों को तर्पण देने की भी परंपरा है। बदरीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालु अन्य धाम भी जाते हैं। इस साल नवरात्र में भी धामों में श्रद्धालुओं की अच्छी आमद रही। कारोबारी जितेंद्र भंडारी व शशि कुमार का कहना है कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड के लिए आर्थिकी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं के आने से कारोबार बेहतर होता है।

चारधाम यात्रा पर इस वर्ष अब तक रिकार्ड श्रद्धालु आ चुके हैं। धामों के कपाट बंद होने तक 65 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यह एक नया रिकॉर्ड होगा। - डा. प्रजापति नौटियाल, विशेष कार्याधिकारी, चारधाम यात्रा प्रबंधन और नियंत्रण संगठन

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