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उत्तराखंड में Bulldozer Action की बड़ी कार्रवाई, देहरादून में 150 बीघा प्लाटिंग पर चला बुलडोजर

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:53 AM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 07:58 AM (IST)

देहरादून के गड़ूल-सूर्यधार क्षेत्र में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने 150 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। रानीपोखरी के गड़ूल-सूर्यधार क्षेत्र में वृहद पैमाने पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शिकंजा कस दिया है। करीब 150 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के भू-विन्यास, सड़क निर्माण और सीमांकन किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

खास बात यह है कि इसी स्थल पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी। सात जुलाई को अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाने के बावजूद बाद के निरीक्षण में बड़े भू-भाग में अनधिकृत विकास कार्य पाए गए।

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प्राधिकरण के अनुसार विशाल मनवाल और श्री कोठारी से संबंधित इस प्रकरण में बिना जरूरी तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए भू-विन्यास संबंधी कार्य किए जाने की शिकायत सामने आई थी। स्थल निरीक्षण में स्थिति की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत वाद दायर किया गया और अनधिकृत विकास के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति भू-विन्यास, प्लाटिंग या निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गड़ूल-सूर्यधार प्रकरण में अभिलेखों और स्थल निरीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पहले कार्रवाई, फिर भी नहीं रुका खेल

गड़ूल-सूर्यधार के इसी स्थल पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ सात जुलाई को ध्वस्तीकरण किया जा चुका था। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने दोबारा स्थल का निरीक्षण किया तो मामला और बड़ा सामने आया। पहले निरीक्षण में सामने आए करीब 50 बीघा क्षेत्र के अतिरिक्त करीब 150 बीघा भूमि में भी भू-विन्यास संबंधी कार्य पाए गए। यहां सड़क निर्माण, सीमांकन समेत अन्य विकास कार्य बिना स्वीकृति किए जाने की स्थिति मिली।

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यानी पहले से कार्रवाई की जद में आ चुके क्षेत्र में भी अनधिकृत विकास का दायरा सीमित नहीं था। अभिलेखों और स्थल निरीक्षण के आधार पर प्राधिकरण ने अब व्यापक कार्रवाई की है।